Bhagalpur: 10 वर्ष पहले कितने लोगों को कहां बसाया, अंचल कार्यालय को पता नहीं, फाइल की खोज जारी

Bhagalpur: बिहार के राज्य सूचना आयुक्त ने शाहकुंड के अंचल अधिकारी को अभियान बसेरा से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. प्रथम अपीलीय प्राधिकार को भी निर्देश दिया गया है कि मामले से संबंधित एक रिपोर्ट उपलब्ध करायें.

Bhagalpur: सरकारी दफ्तर कुछ इस तरह भी चलता है. 10 वर्ष पहले कितने लोगों को बसाया. कहां पर बसाया. किन लोगों को बसाया. ऐसे सवालों के जवाब शाहकुंड अंचल कार्यालय के पास नहीं हैं. फाइल की खोज जारी है. वर्ष 2012-13, 2013-14 और 2014-15 में अभियान बसेरा के अंतर्गत महादलितों को दी जानेवाली तीन-तीन डिसमिल जमीन से यह मामला जुड़ा है. इसकी फाइल से जुड़ी जानकारी की तलब वर्ष 2014 में ही की गयी थी. लेकिन शाहकुंड अंचल कार्यालय इस बारे में कुछ नहीं बता पाया. अब जाकर शाहकुंड अंचल कार्यालय कार्यवाहक लिपिक व अभिलेखागार के जानकार संविदा लिपिक ईश्वर लाल यादव व एक शिक्षित मजदूर राम प्रकाश तांती को फाइल खोजने के लिए प्रतिनियुक्त किया. लेकिन गहन खोजबीन के बाद भी संबंधित अभिलेख व पंजी नहीं मिल सका. फाइल खोजने के लिए प्रतिनियुक्त लिपिक ने अतिरिक्त समय की मांग की है. अंचल कार्यालय ने कहा है कि खोज जारी है.

कागजात उपलब्ध कराने का आयुक्त ने दिया निर्देश

बिहार के राज्य सूचना आयुक्त ने शाहकुंड के अंचल अधिकारी को अभियान बसेरा से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. प्रथम अपीलीय प्राधिकार को भी निर्देश दिया गया है कि मामले से संबंधित एक रिपोर्ट उपलब्ध करायें. आयुक्त ने कहा है कि यदि सीओ या प्रथम अपीलीय प्राधिकार इस संदर्भ में किसी अन्य पदाधिकारी या कर्मचारी को दोषी समझते हैं, तो प्रमाण के साथ अपने उत्तर में इसका उल्लेख करें.

दरअसल वर्ष 2012-13, 2013-14 और 2014-15 में अभियान बसेरा से संबंधित सूचना शाहकुंड अंचल कार्यालय से सूचना अधिकार कार्यकर्ता अजीत कुमार सिंह ने 16.08.2014 को मांगी थी. इसमें जमीन का ब्योरा, लगान भुगतान, लाभुकों का कबूलनामा आदि से संबंधित सूचनाएं मांगी गयी थीं. इन 10 वर्षों में सूचना उपलब्ध नहीं करायी गयी. इसके बाद इस मामले की सुनवाई राज्य सूचना आयोग में चल रही है.

रंगराचौक व इस्माइलपुर से भी नहीं मिल रही जानकारी

रंगराचौक व इस्माइलपुर अंचल कार्यालय भी पिछले 10 वर्षों से यह नहीं बता पाया है कि 2012-13, 2013-14 और 2014-15 में अभियान बसेरा के तहत कितने लाभुकों को जमीन दी गयी है. कितने लाभुकों को जमीन नहीं मिली है. कितने लाभुकों का परवाना रद्द किया गया है. यह भी जानकारी नहीं दे पाया है कि उक्त अभियान के मद में सरकार ने कितनी राशि दी. शिकायतकर्ता को भी राज्य सूचना आयुक्त ने निर्देश दिया है कि वे उस पदाधिकारी या कर्मचारी का नाम व वर्तमान पता से संबंधित स्पष्ट प्रतिवेदन दें, जिनके विरुद्ध शिकायत की गयी है. शिकायत को प्रमाणित करने के लिए साक्ष्य भी मांगा गया है. रंगराचौक व इस्माइलपुर के मामले में 18 नवंबर को सुनवाई होगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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