Bhagalpur: सड़कों की रैंकिंग में भागलपुर पथ निर्माण विभाग फिसड्डी, टॉप पर जमुई

Bhagalpur: पथ निर्माण विभाग द्वारा जारी टॉप परफॉर्मिंग इंजीनियर्स, कांट्रैक्टर व डिवीजन की सूची में भागलपुर का प्रदर्शन सबसे ख़राब पाया गया है.

Bhagalpur: पथ निर्माण विभाग ने टॉप परफॉर्मिंग इंजीनियर्स, कांट्रैक्टर व डिवीजन की सूची जारी की है. किसी भी वर्ग में भागलपुर का नाम ऊपर नहीं है. विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विश्वेश्वरैया भवन के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ओपीआरएमसी-2 के पथों के रखरखाव पर की गई समीक्षात्मक बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में टॉप परफॉर्मिंग इंजीनियर्स, कांट्रैक्टर्स व डिवीजन की सूची जारी की है. यह अक्टूबर, 2023 से जून 2024 के आधार पर जारी की गयी है. सड़क मेंटेनेंस कराने में जमुई डिवीजन ने पहला रैंक लाया है. दूसरे स्थान पर बेतिया और तीसरे स्थान पर गया रहा है. सुपौल रोड डिवीजन के जूनियर इंजीनियर जयबिंद कुमार रंजन को ओपीआरएमसी रोड परियोजना में असाधारण उपलब्धि पर पहले रैंक के लिए सम्मानित किया गया है. वहीं, दूसरे स्थान पर जमुई के जेई संतोष कुमार एवं तीसरे स्थान पर गया के जेई मिथिलेश कुमार रहे हैं. वहीं, असिस्टेंट इंजीनियर के परफॉर्मिंग में गया के असिस्टेंट इंजीनियर निशांत राज ने पहला स्थान मिला है.

क्या है ओपीआरएमसी

पुरानी इनपुट आधारित पारंपरिक कांट्रैक्ट सिस्टम को लॉन्ग आउटपुट और परफॉर्मेंस आधारित रोड एसेट्स मेंटेनेंस कांट्रैक्ट सिस्टम (ओपीआरएमसी) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था. यह सड़कों के परफॉर्मेंस आधारित रखरखाव के लिए है. इसमें चयनित एजेंसी या कांट्रैक्टर को एक निश्चित अवधि तक सड़क का निर्माण से लेकर मेंटेनेंस कार्य कराते रहना है और इसकी मॉनिटरिंग जूनियर इंजीनियर व असिस्टेंट इंजीनियर के स्तर से होते रहना है.

भागलपुर में दर्जन से ज्यादा सड़कें ओपीआरएसमसी से हो रहा मेंटेनेंस

पथ निर्माण विभाग का भागलपुर डिवीजन ने भी अपनी दर्जन भर से ज्यादा सड़कों को ओपीआरएमसी योजना में शामिल कर कांट्रैक्टर को मेंटेनेंस के लिए सौंपा है और यह साल 2026 तक के लिए है. इसमें घूरनपीर बाबा चौक से आदमपुर चौक होकर चंपानगर जाने वाली करीब सात किमी लंबी सड़क है. इसके अलावा वैकल्पिक बाइपास, भागलपुर-कजरैली रोड सहित अन्य सड़कें हैं.

भागलपुर-जगदीशपुर और भीखनपुर रोड ओपीआरएमसी स्कीम से बाहर

पथ निर्माण विभाग के भागलपुर डिवीजन ने भागलपुर-जगदीशपुर मुख्य मार्ग एवं कचहरी चौक से भीखनपुर होकर शीतला स्थान चौक तक की सड़क को ओपीआरएमसी स्कीम से बाहर कर लिया है. दरअसल, भागलपुर-जगदीशपुर के बीच 12 किमी रोड नेशनल हाइवे को हैंडओवर कर दिया है. वहीं, भोलानाथ रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए भीखनपुर रोड को भी पुल निर्माण निगम को हैंडओवर कर दिया है. इसके मद्देनजर दोनों ही सड़क को ओपीआरएमसी योजना से बाहर कर दिया है.

केस स्टडी-1

सड़कों के रखरखाव आधारित परफॉर्मेंस जिस अवधि की देखी गयी है, उस दौरान वैकल्पिक बाइपास की स्थिति काफी खराब रही. हालांकि, कांट्रैक्टर ने इस रोड का नवनिर्माण कराया लेकिन, कार्य प्रगति धीमी रही. वहीं, काफी दिनों तक एक लेन अर्धनिर्मित रह गया था. वहीं, इस दौरान कई जगहों पर सड़क की स्थिति खराब रहने से आवागमन में परेशानी हो रही थी.

केस स्टडी-2

भागलपुर-जगदीशपुर रोड एनएच को हैंडओवर करने से पहले ओपीआरएमसी योजना से इसका समय-समय पर रखरखाव नहीं हो सका. सड़क खराब रहने की वजह से इस पर गाड़ियां मानक के अनुसार 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी दौड़ नहीं पा रही थी. जबकि, एनएच विभाग इस कारण से रोड को टेक ओवर नहीं कर रहा था कि यह भले ही ओपीआरएमसी योजना से मेंटेनेंस हो रहा है.

क्या बोले कार्यपालक अभियंता

कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार गुप्ता ने कहा, “भागलपुर-जगदीशपुर एवं भीखनपुर रोड को ओपीआरएमसी स्कीम से सस्पेंड कर दिया गया है. यानी, यह स्कीम से बाहर हो गया है. एक रोड एनएच डिवीजन एवं दूसरे को पुल निर्माण निगम को हैंडओवर कर दिया गया है.”

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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