पैट परीक्षा के दौरान फिजिक्स विषय में बाहर से पूछे गये प्रश्न, यूनिवर्सिटी ने की जांच कमेटी गठित

Bhagalpur News: कमेटी से कहा गया कि पूरे मामले की जांच कर 19 फरवरी तक रिपोर्ट उपलब्ध कराये. दूसरी तरफ फिजिक्स विषय के विद्यार्थियों ने आवेदन के माध्यम से दोबारा परीक्षा लेने की मांग की थी.

Bhagalpur News: भागलपुर. टीएमबीयू में हाल ही में पैट परीक्षा 2023 आयोजित की गयी थी. इसमें फिजिक्स विषय में कुछ विद्यार्थियों ने आरोप लगाया था कि सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे गये थे. इस बाबत विद्यार्थियों ने कुलपति को लिखित शिकायत की थी. पूरे मामले को लेकर कुलपति प्रो जवाहर लाल ने जांच कमेटी गठित की है. इसमें डीन सांइस को कमेटी का संयोजक बनाया गया है. जबकि डीन डॉ पवन कुमार सिन्हा, डीन डॉ प्रमोद कुमार पांडे, जेपी कॉलेज नारायणपुर के फिजिक्स विभाग के हेड डॉ जे प्रसाद व एसएम कॉलेज के फिजिक्स विभाग के हेड डॉ पी चंद्रा कमेटी में सदस्य होंगे.

अधिसूचना जारी

कुलपति के आदेश पर प्रो रामाशीष पूर्वे ने अधिसूचना जारी की है. पत्र में कमेटी से कहा गया कि पूरे मामले की जांच कर 19 फरवरी तक रिपोर्ट उपलब्ध कराये. दूसरी तरफ फिजिक्स विषय के विद्यार्थियों ने आवेदन के माध्यम से दोबारा परीक्षा लेने की मांग की थी. आवेदन देने वालों में आशुतोष कुमार, सौरभ कुमार, अमित कुमार, मनीष कुमार, शुभम कुमार, रणबीर कुमार सहित अन्य शामिल हैं.

दीक्षांत समारोह के लिए 1700 आवेदन

टीएमबीयू में 48वें दीक्षांत समारोह को लेकर तैयारी जोरों पर है. जानकारी के अनुसार विभिन्न संकाय को लेकर अबतक 1700 आवेदन प्राप्त हुए है. विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ कृष्ण कुमार ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर डिग्री बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है.

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By Ashish Jha

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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