Bhagalpur news मैट्रिक परीक्षा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

मैट्रिक की परीक्षा के दौरान नवगछिया पुलिस की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त रही. जाम से परीक्षा देने आये छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. परीक्षा के दौरान

मैट्रिक की परीक्षा के दौरान नवगछिया पुलिस की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त रही. जाम से परीक्षा देने आये छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. परीक्षा के दौरान विक्रमशिला सेतु पहुंच पथ जाम था. वन वे करके वाहन रेंगते चल रहे थे. सामान्य दिनों में पुल पार करने में 10 से 15 मिनट का समय लगता था, लेकिन आज एक घंटे से अधिक का समय लगा. छात्र भागलपुर से नवगछिया परीक्षा देने के लिए जा रहे थे. नवगछिया के छात्र भागलपुर परीक्षा देने जा रहे थे. जाम से छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. विक्रमशिला सेतु पहुंच पथ पर पिछले तीन दिनों से जाम की यही स्थिति हैं. वाहन के अत्यधिक दबाव से जाम की स्थिति बनी रही. मैट्रिक की परीक्षा की प्रशासन को जानकारी थी. किंतु जाम समाप्त करने के लिए प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. जाम केवल विक्रमशिला सेतु पर ही नहीं था. विक्रमशिला सेतु पहुंच पथ पर भी जाम था. नवगछिया जीरोमाइल से पुल तक जाम था. नवगछिया से जाह्नवी चौक, मकंदपुर चौक, गोसाइगांव रोड, तेतरी दुर्गा मंदिर से जाह्नवी चौक पर जाम था. परीक्षा देने जाने वाले छात्र-छात्राओं को जाम से परेशानी हुई होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता हैं. नवगछिया बाजार में इंटरस्तरीय हाईस्कूल, बाल भारती विद्यायल, सावित्री पब्लिक स्कूल, रूंगटा बालिका उवि में परीक्षा केंद्र की वजह से पूरा बाजार जाम की चपेट में था. जाम की सूचना पर नवगछिया एसपी प्रेरणा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी जाह्नवी चौक पहुंच जायजा लिया. पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया. नवगछिया एसपी ने बताया कि जाम को हटाने के लिए चार पुलिस पदाधिकारी बाइक सवार थे. पुलिस गश्ती गाड़ी थी. जाम की स्थिति नहीं थी. वाहनों का परिचालन काफी स्लो था. पूरी तरह जाम नहीं था. अनुमंडल पदाधिकारी ऋतुराज प्रताप सिंह ने बताया कि मांगन शाह मेला व छात्रों की परीक्षा से जाम की स्थिति हो गयी थी. मुख्य कारण वाहनों के ओवरटेक करने से जाम लग रहा था. ओवरटेक करने वाले वाहनों से जुर्माना वसूला जा रहा है. वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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