Bhagalpur News: भागलपुर शहर के लोगों को लंबे समय से जिस भोलानाथ रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का इंतजार है, वह अब एक नई प्रशासनिक अड़चन में फंस गया है. परियोजना के लिए जरूरी जमीन का अधिग्रहण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन मुआवजा भुगतान के लिए 54 करोड़ रुपये नहीं मिलने के कारण पूरी प्रक्रिया रुक गई है.
इस देरी का असर सीधे उन रैयतों पर पड़ रहा है जिनकी जमीन परियोजना के लिए ली जा चुकी है. भुगतान नहीं होने के कारण जमीन का औपचारिक हस्तांतरण पुल निर्माण निगम के पक्ष में नहीं हो पा रहा है और निर्माण कार्य भी पूरी गति नहीं पकड़ पा रहा है.
जमीन अधिग्रहण पूरा, लेकिन मुआवजा नहीं
भोलानाथ आरओबी के लिए जिन भूखंडों की आवश्यकता थी, उनका अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है. अब अगला चरण प्रभावित रैयतों को मुआवजा देकर जमीन को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के नाम हस्तांतरित करना है.
लेकिन आवश्यक फंड उपलब्ध नहीं होने से यह प्रक्रिया पिछले कई महीनों से ठप है. प्रशासनिक स्तर पर कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद भुगतान न होने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही.
छह महीने पहले भेजी गई थी राशि की मांग
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार के अनुसार मुआवजा भुगतान के लिए करीब 54 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने को लेकर पुल निर्माण निगम को लगभग छह महीने पहले पत्र भेजा गया था.
उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार अनुस्मारक भी भेजा गया, लेकिन अब तक राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है. विभाग का कहना है कि जैसे ही फंड मिलेगा, सभी पात्र रैयतों को मुआवजा देकर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी.
12 से 14 स्थानों की जमीन परियोजना में शामिल
भू-अर्जन विभाग के अनुसार इस परियोजना के लिए करीब 12 से 14 स्थानों पर जमीन अधिग्रहित की गई है.
इन सभी भूखंडों का अंतिम हस्तांतरण मुआवजा भुगतान के बाद ही संभव होगा. जब तक जमीन पूरी तरह पुल निर्माण निगम को नहीं सौंपी जाती, तब तक संबंधित हिस्सों में निर्माण कार्य शुरू या तेज नहीं किया जा सकता.
एक वर्ष पीछे चल रही है परियोजना
भोलानाथ रेलवे ओवरब्रिज परियोजना पहले से ही अपने निर्धारित समय से करीब एक वर्ष पीछे चल रही है.
अब फंड जारी नहीं होने के कारण इसमें और देरी की आशंका बढ़ गई है. शहर के लोगों को उम्मीद थी कि ओवरब्रिज बनने से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और यातायात अधिक सुगम होगा, लेकिन मौजूदा स्थिति ने परियोजना की गति पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Bhagalpur News प्रभावित रैयतों में बढ़ रही चिंता
जिन किसानों और भूमि मालिकों की जमीन परियोजना के लिए ली गई है, वे लंबे समय से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं.
भुगतान में लगातार हो रही देरी से उनमें असंतोष बढ़ रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी करने में अब सबसे बड़ी बाधा केवल 54 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध होना है.
यदि जल्द फंड जारी नहीं हुआ, तो भूमि हस्तांतरण और निर्माण कार्य दोनों में और विलंब हो सकता है, जिसका असर पूरे शहर की यातायात व्यवस्था और विकास परियोजना की समयसीमा पर पड़ेगा.
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