भागलपुर-बड़हरवा रेल रूट पर तीसरी-चौथी लाइन को मंजूरी, जानें कब शुरू होगा निर्माण

Bhagalpur News: भागलपुर-बड़हरवा रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना को अहम मंजूरी मिल गई है. रेलवे बोर्ड और नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप की स्वीकृति के बाद अब फाइल नीति आयोग को भेजी गई है. इस परियोजना से ट्रेनों की रफ्तार और संख्या दोनों बढ़ेंगी.

Bhagalpur News: भागलपुर-बड़हरवा तीसरी और चौथी रेल लाइन को रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब रेलवे के नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप ने भी हरी झंडी दिखा दी है. अब फाइल नीति आयोग को भेज दी गयी है. नीति आयोग से मंजूरी मिलने के बाद मिनिस्ट्री ऑफ फाइनांस व कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इस योजना पर काम शुरू हो जायेगा.

2022 में ही शुरू हुआ था सर्वे का काम

रूट पर चार पटरियां हो जाने के बाद ट्रेनों की आवाजाही सुगम हो जायेगी. ट्रेनों की रफ्तार में तेजी के साथ बीच रास्ते में ट्रेन रोककर दूसरी को आगे बढ़ाने का झंझट खत्म हो जायेगा. 129.2 किलोमीटर पटरी बिछाने के लिए सर्वे का काम 2022 से शुरू हुआ था.

स्पीड में बढ़ोतरी होगी

यह योजना 4509.32 करोड़ की है. अभी तक मालदा से भागलपुर होते हुए किऊल तक दो पटरी बिछी है. ऐसे में तीसरी और चौथी पटरी बिछने के बाद ट्रेनों की गति बढ़ेगी. अभी भागलपुर से बड़हरवा जाने में तीन घंटे से अधिक समय लग जा रहा है. इससे समय में कमी आयेगी और रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. अभी तक इस रूट में अगरतला राजधानी से लेकर विक्रमशिला, तिनसुकिया एक्सप्रेस सहित कई एक्सप्रेस ट्रेनों की स्पीड 110 तक रहती है. इसमें बढ़ोतरी होगी.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

क्या बोले डिप्टी चीफ इंजीनियर

पूर्व रेलवे भागलपुर के डिप्टी चीफ इंजीनियर हेमंत कुमार ने कहा कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना पर काम शुरू होगा. काम पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन सुगम हो जायेगी. यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी. रेलवे यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के प्रति सतत प्रयत्नशील है.

इसे भी पढ़ें: बिहार के 16 जिलों में ऑरेंज और 15 जिलों में येलो अलर्ट, मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए जारी की एडवाइजरी

बिहार में 21 जनवरी तक चलेगा एग्री स्टैक महाअभियान, लाखों किसानों के लिए खुशखबरी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >