पीरपैंती सुंदरपुर कृषि फॉर्म शाखा मैदान में स्वामी आगमानंद महाराज के सानिध्य में श्री 1008 महारुद्र यज्ञ सह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सप्तम दिवस शनिवार को कथा स्थल भक्तों से भरा था. पीठाधीश्वर स्वामी आगमानंद जी महाराज ने कृष्ण-सुदामा मित्रता का वर्णन किया. उन्होंने कहा कि सुदामा-कृष्ण की मित्रता अनुकरणीय, पालनीय और हृदय स्पर्शी है. मित्र अमीर गरीब नहीं होता है मित्रता दिल से होती है. उन्होंने गज ग्राह उद्धार का वर्णन किया और उन कथाओं का समावेश करते हुए भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया. स्वामी आगमानंद जी महाराज ने ईश्वर प्राप्ति का साधन तपस्या के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण के श्रवण की महिमा का आख्यान भी संगीत मय प्रस्तुति से दिया. रात में वृंदावन से पधारे संतोष पचौरी के नेतृत्व में आयी रामलीला मंडली ने सीता-राम विवाह, राम कलेवा, का वर्णन भक्ति लीला का संगीतमय प्रस्तुति दी, जिसे देखने लोगों की भीड़ देर रात तक डटी थी. प्रमुख रश्मि कुमारी,प्रेमानंद महाराज, स्वामी मानवानंद महाराज, कुंदन बाबा, स्वामी तत्वानंद, पप्पू साह, रंजीत पासवान, गुंजन साह, अनिल राय व ऋषिकेश सिंह, रोहित पासवान, सूरज कुमार, अजय तांती, रविन्द्र पासवान, गुड्डू तांती, प्रदीप पासवान, कमलेश कुमार, अरविंद पासवान, श्रवण कुमार, ओम कुमार, मनीष कुमार,कुशल राज नेतृत्व कर रहे थे.
Bhagalpur news श्रीकृष्ण सुदामा की मित्रता अनुकरणीय : आगमानंद जी महाराज
पीरपैंती सुंदरपुर कृषि फॉर्म शाखा मैदान में स्वामी आगमानंद महाराज के सानिध्य में श्री 1008 महारुद्र यज्ञ सह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सप्तम दिवस शनिवार को कथा स्थल भक्तों से भरा था.
