Bhagalpur News. 619.58 करोड़ का बजट मंजूर, रोड-नाला से आगे बढ़कर विकास करने का लक्ष्य तय

619 करोड़ का बजट पास.

नगर निगम: पिछले साल की तुलना में बजट का आकार छोटा, मगर 26 लाख लाभ अनुमानितनगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभ वाला बजट पेश किया है, जिसे नगर सरकार और उसकी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. शनिवार को आयोजित सशक्त स्थायी समिति की बैठक में बजट के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के साथ-साथ पिछले वर्ष के खर्च की भी समीक्षा की गयी. पिछले वित्तीय वर्ष में 847 करोड़ 11 लाख 68 हजार 970 रुपये का बजट पारित किया गया था, जिसमें 41 लाख 19 हजार 828 रुपये 40 पैसे का लाभ दर्शाया गया था. इस बार 619 करोड़ 58 लाख 70 हजार 662 रुपये 50 पैसे का बजट प्रस्तुत किया गया है, जिसमें 26 लाख 10 हजार 21 रुपये 90 पैसे का लाभ अनुमानित है.

हालांकि, इस बार बजट का आकार कम हुआ है, लेकिन निगम प्रशासन ने इसे संतुलित और व्यावहारिक बताया है. आय और व्यय के बीच तालमेल बनाकर लाभ की स्थिति बनाये रखने का प्रयास किया गया है. बैठक में यह भी सामने आया कि पिछले वर्ष बजट प्रावधान के बावजूद करीब 80 करोड़ रुपये ही खर्च हुआ, जबकि आय लगभग 188 करोड़ रुपये रही. मार्च तक आय 244.9 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जतायी गयी है. समिति सदस्यों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि विकास योजनाओं की राशि का पूरा उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि शहर को अपेक्षित सुविधाएं मिल सके. वर्ष 2026-27 के बजट में आय के स्रोतों को मजबूत करने का लक्ष्य तय किया गया है. यानी, आय के स्रोत बढ़ाने का लक्ष्य है. सिर्फ रोड-नाला विकास का पैमाना नहीं रहेगा. इससे आगे बढ़ कर काम करना है. संसाधनों के बेहतर उपयोग और नयी राजस्व योजनाओं पर भी जोर रहेगा. नगर निगम का कहना है कि योजनाओं के समय पर क्रियान्वयन और आय संग्रहण में सुधार से शहर के विकास को गति मिलेगी. बैठक में नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त, सभी नगर प्रबंधक, निगम के शाखा प्रभारी, अभियंता व अन्य उपस्थित रहे.

वार्ड 13 में प्याऊ निर्माण पर विवाद, पार्षद के आरोपों के बीच नगर आयुक्त ने दिये जांच के निर्देश

बजट पर चर्चा के दौरान वार्ड 13 के पार्षद रंजीत मंडल की टिप्पणियों से कुछ देर के लिए माहौल गर्म हो गया, जिसे नगर आयुक्त ने तत्काल हस्तक्षेप कर शांत कराया. पार्षद ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में प्याऊ का निर्माण उनके संज्ञान में लाये बिना कराया जा रहा है और टेंडर में प्रस्तावित स्थल से अलग स्थान पर निर्माण हो रहा है. साथ ही यह भी कहा कि उनके द्वारा कराये गये कार्यों का भुगतान लंबित है.

इस पर नगर आयुक्त ने सिटी मैनेजर विनय यादव को निर्देश दिया कि वे स्वयं स्थल पर जाकर मामले की जांच करें. भुगतान से संबंधित मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं की बारीकी से समीक्षा कर आवश्यक भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा.

फायदे का बजट के बाद विकास नहीं तो हार जायेंगे चुनाव: संजय सिन्हा

वार्ड नंबर 21 के पार्षद और स्थायी समिति सदस्य संजय सिन्हा ने बैठक में कहा कि यह लाभ वाला बजट है. वार्ड के लोग कहेंगे कि फायदे वाला बजट होकर भी विकास का कार्य नहीं हो रहा है. लोगों की नजर में छवि धूमिल हो रही है. पार्षद होकर भी काम नहीं कराने का आरोप लग रहा है. ऐसे में चुनाव हार जायेंगे. ऐसा ही रहा, तो मजबूरी में आंदोलन करने होंगे. विकास करिए, तो फिर से आ सकेंगे.

स्ट्रीट लाइट योजना पर उठा सवाल, साधारण लाइट लगाने का फैसला

बैठक में नयी लाइट्स लगाने पर चर्चा हुई. इसमें सभी ने आरोप लगाया कि साल भर से लाइट्स लगाने की सिर्फ बात हो रही है. इस पर रोशनी शाखा प्रभारी जयप्रकाश यादव से पूरी स्थिति की जानकारी ली गयी. उन्होंने बताया कि 200 लाइट्स का कोटेशन दिया गया है. सभी वार्डों में दो-तीन लाइट्स लगायी जायेगी. 5068 नये पोलों के लिए सेंसर युक्त लाइट्स लगाने के प्रावधान की वजह से अटक गया. अब सेंसर को हटा कर साधारण लाइट्स लगायी जायेगी. नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि सामान्य बोर्ड की बैठक होने से पहले टेंडर कर लाइट्स लगायेंगे. वहीं, स्टीट लाइट्स के मेंटेंनेंस को लेकर पूर्व की एजेंसी के साथ एग्रीमेंट करने की बात कही गयी.

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Published by: Kali kinker mishra

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