Bhagalpur news सुलतानगंज में ही बनेगा एयरपोर्ट : विधायक

विधायक प्रो ललित नारायण मंडल ने बताया कि सुलतानगंज में ही एयरपोर्ट बनेगा. शनिवार को डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सुलतानगंज में एयरपोर्ट निमार्ण शुरू करने की घोषणा की.

शुभंकर, सुलतानगंज

विधायक प्रो ललित नारायण मंडल ने बताया कि सुलतानगंज में ही एयरपोर्ट बनेगा. शनिवार को डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सुलतानगंज में एयरपोर्ट निमार्ण शुरू करने की घोषणा की. सुलतानगंज में एयरपोर्ट बनाने का काम जल्द शुरू होगा. प्रगति यात्रा में सुलतानगंज में सीएम ने हवाई सर्वेक्षण किया था. एरियल सर्वे के बाद डिप्टी सीएम की घोषणा के बाद विधायक ने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त किया. विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुलतानगंज के विकास को लेकर मेरी सभी मांग पूरी की. गंगा रिवर फ्रंट की तरह गंगा घाट निर्माण के बाद एयरपोर्ट निर्माण की मांग पूरी होने से सुलतानगंज का चहुंमुखी विकास होगा.

सुलतानगंज में एयरपोर्ट बनने से सात जिले में आवागमन होगा सरलविधायक ने बताया कि सुलतानगंज स्टेशन से पश्चिम दक्षिण फोर लेन की तरफ हवाई अड्डा निर्माण के लिए 855 एकड़ भूखंड अधिक है. दलदली और बाढ़ का खतरा नहीं है. बिहार व झारखंड़ को जोड़ने वाली चौड़ी सड़क है. जिला मुख्यालय, ऋषिकुंड और विश्व योग महाविद्यालय मुंगेर बहुत करीब है. सिल्क सीटी और फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. श्रावणी मेला के अलावा सामान्य दिनों में भी तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ेगी. भागलपुर अंग क्षेत्र का सिल्क उद्योग बढ़ेगा. फोर लेन करीब होने से घंटों की दूरी मिनटों में पूरी हो होगी. फोरलेन सड़क से मात्र 20 मिनट में भागलपुर पहुंच जा सकता है.गंगा में दो पुल मुंगेर तथा सुलतानगंज होने से उतरी बिहार से आवागमन सरल होगा. भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया लगभग सात जिलों से सुलतानगंज से आवागमन सरल होगा. शिक्षा और व्यवसाय के क्षेत्र में काफी सुविधा और विकास होगा.

अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित, खिलायी मिठाई

सुलतानगंज नगर जदयू कार्यकर्ताओं ने विधायक प्रो ललित नारायण मंडल के आवास पर शनिवार शाम पहुंच कर अजगैवीनाथ धाम में हवाई अड्डा निर्माण की स्वीकृति मिलने पर फुल माला पहना कर स्वागत कर अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया. कार्यकर्ताओं ने मिठाई खिला कर बधाई दी. हर्ष व्यक्त करने वालों में रीना देवी, रुबी देवी, इं सुजीत, मनीष कुमार, पुरुषोत्तम चौरसिया, मिथलेश कुमार, उमेश कुमार, टिंकू कुमार, राजू कुमार उर्फ टिंपल, मनीष कुमार गुप्ता, दीपक कुमार, संदीप कुमार, रितु राज, मोनू, अभिषेक, सोनू, सुमन, मनोज पासवान, मनोज वर्मा, उमेश साह आदि कार्यकर्ता शामिल हैं.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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