भागलपुर में 60 घंटे बाद भी बिजली तार पर लटका है विशाल पेड़, क्या बड़े हादसे का इंतजार कर रहा सिस्टम?
Bhagalpur News : तूफान गुजर गया, शहर में बिजली भी लौट आयी, लेकिन भागलपुर के एयरपोर्ट रोड पर मौत अब भी बिजली के तारों पर लटक रही है. 60 घंटे बीत जाने के बाद भी विशाल पेड़ नहीं हटाया गया है और प्रशासनिक उदासीनता लोगों की चिंता बढ़ा रही है.
भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Bhagalpur News : भागलपुर में सोमवार रात आये भीषण तूफान के बाद शहर की बिजली व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हुई, लेकिन हवाई अड्डा रोड पर अब भी खतरा बरकरार है. एयरपोर्ट बाउंड्री के पास एक विशाल पेड़ बिजली के तारों पर गिरा हुआ है, जिससे कई पोल टेढ़े हो गये हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर तेज हवा चली तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन अब तक न बिजली विभाग और न ही वन विभाग ने गंभीरता दिखाई है.
एयरपोर्ट रोड पर अब भी मंडरा रहा खतरा
तिलकामांझी से हवाई अड्डा जाने वाले मुख्य मार्ग पर बिजली के तारों पर विशाल पेड़ गिरा हुआ है. यह पेड़ सोमवार रात आये तूफान में गिरा था, लेकिन गुरुवार तक भी इसे हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. पेड़ के दबाव से दो से तीन बिजली पोल टेढ़े हो चुके हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों में लगातार भय बना हुआ है.
अधिकारियों की नजर से कैसे बच गया इतना बड़ा खतरा
?स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सोमवार से बुधवार तक कई बार बिजली विभाग के अधिकारी इसी मार्ग से गुजरे होंगे. बुधवार को बिजली विभाग के एमडी भी विमान से भागलपुर पहुंचे और उनका काफिला भी इसी रास्ते से होकर निकला, लेकिन इसके बावजूद किसी अधिकारी की नजर इस खतरनाक स्थिति पर नहीं पड़ी. लोगों ने सवाल उठाया है कि जब मुख्य सड़क पर इतना बड़ा खतरा दिख रहा है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही.
बिजली बहाल हुई, लेकिन लापरवाही भी दिखी
बुधवार शाम शहर में बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन कई इलाकों में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है. एयरपोर्ट रोड पर गिरे पेड़ को देखकर लोगों का कहना है कि विभाग सिर्फ बिजली चालू करने तक सीमित रह गया, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखायी जा रही है.
सूखे पेड़ों से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
हवाई अड्डा मार्ग पर अब भी तीन विशाल सूखे पेड़ खड़े हैं, जिन्हें लेकर स्थानीय लोगों में डर बना हुआ है. लोगों का कहना है कि सोमवार की रात आये तूफान के दौरान पुलिस लाइन रोड में पेड़ गिरने से टोटो में बैठी एक महिला घायल हो गयी थी. उस घटना के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर सूखे और कमजोर पेड़ों की कटाई शुरू हुई थी, लेकिन एक दिन बाद ही अभियान बंद हो गया.
वन विभाग की सुस्ती पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि सूखे पेड़ों को हटाने में देरी की जा रही है, जबकि ये पेड़ किसी भी दिन गिर सकते हैं. अगर फिर से तेज आंधी आयी तो एयरपोर्ट रोड पर बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने और सूखे पेड़ों की कटाई कराने की मांग की है.