Bhagalpur news अजगैवीनाथ की निकलेगी भव्य बरात, आयोजन की सफलता को लेकर बैठक

अजगैवीनाथ मंदिर में रविवार को महाशिवरात्रि महा उत्सव अमृत पर्व के भव्य आयोजन की सफलता को लेकर बैठक मंदिर के स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरी के अध्यक्षता में हुई

अजगैवीनाथ मंदिर में रविवार को महाशिवरात्रि महा उत्सव अमृत पर्व के भव्य आयोजन की सफलता को लेकर बैठक मंदिर के स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरी के अध्यक्षता में हुई. बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई. बरात में झांकी, रूट निर्धारण व मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर विचार विमर्श हुआ. इस बार बाबा के भव्य बरात में कोई अश्लील गीत, नृत्य व झांकी नहीं रहेगी. महाशिवरात्रि के दिन लोग अपने-अपने घरों में पांच दीपक अवश्य जलाये. शिव जागरण में कई कलाकार शिरकत करेगे.

बरात का हुआ रूट निर्धारण, सभी झांकी को मिलेगा पुरस्कार

बाबा की बरात निकालने को लेकर रूट का निर्धारण किया गया. भव्य बरात मंदिर परिसर से दिन के 12:00 बजे 26 फरवरी को निकलेगी. बरात मुख्य चौक से स्टेशन रोड होते हुए कृष्णगढ़ अपर रोड होते अबजूगंज तक जायेगी, उसके बाद पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचेगी. बारात में शामिल झांकियां को पुरस्कृत किया जायेगा. प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ व पंचम के बाद अन्य झांकी को सांत्वना पुरस्कार दिया जायेगा. 18 फरवरी को मंदिर में प्रशासनिक पदाधिकारी की बैठक होगी. महाशिवरात्रि अमृत पर्व को लेकर कई निर्णय लिए जायेगे. बैठक निर्णय लिया गया कि महाशिवरात्रि के पूर्व 20 फरवरी तक सुलतानगंज नयी एनएच-80 सड़क पूर्णत: ठीक हो जाय, इसको लेकर नप मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू ने एनएच अधिकारी से बात कर सड़क पूरी तरह से बना देने का आश्वासन दिया . सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष रंजीत साह को बनाया गया है.

झांकी के मूल्यांकन व निर्णायक मंडल का चयन

बरात में स्थायी झांकी, चलंत झांकी, युवा झांकी, बैलगाड़ी, घोड़ा डीजे आदि रहेगा. शिव बारात में शामिल झांकी के मूल्यांकन को लेकर सर्वसम्मति से चयन किया गया है, जिसमें 15 लोगों को रखा गया. मुख्य पार्षद से बाबा अजगैवीनाथ मंदिर का सौदर्यींकरण करने का सर्व समिति से अनुरोध किया. बैठक में महंत प्रेमानंद गिरी, राजकुमार गुड्डू, निरंजन कुमार चौधरी, सुबोध कुमार यादव,पप्पू कुमार, राकेश कुमार, सौरभ सिंह, रंजीत साह, प्रमोद साह, कालीचरण साह,प्रदीप प्यासा स्वप्निल झा,नवीन कुमार बन्नी मौजूद थे.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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