आक्रोशित छात्रों ने किया रोड जाम

भागलपुर: जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से मौजी लाल झा इंटर कॉलेज, चंपानगर को अंक पत्र नहीं दिये जाने का खामियाजा गुरुवार को राहगीरों व वाहन सवार लोगों को ङोलना पड़ा. कॉलेज के छात्रों ने भागलपुर-सुलतानगंज मार्ग पर टायर जला कर सड़क जाम कर दिया. घंटों जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी व हंगामा किया. […]

भागलपुर: जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से मौजी लाल झा इंटर कॉलेज, चंपानगर को अंक पत्र नहीं दिये जाने का खामियाजा गुरुवार को राहगीरों व वाहन सवार लोगों को ङोलना पड़ा. कॉलेज के छात्रों ने भागलपुर-सुलतानगंज मार्ग पर टायर जला कर सड़क जाम कर दिया.

घंटों जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी व हंगामा किया. सूचना पर नाथनगर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. थानाध्यक्ष ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात की. थानाध्यक्ष ने दो घंटे में मार्क्‍स सीट मिल जाने का भरोसा दिलाया, तो छात्र सड़क से हटे और आवागमन बहाल हो सका. छात्रों का कहना था कि वे विभिन्न कॉलेजों में पार्ट वन में नामांकन के लिए आवेदन कर चुके हैं.

टीएमबीयू ने 30 जून तक ही नामांकन लेने का निर्देश कॉलेजों को दिया है. समय रहते उन लोगों को मार्क्‍स सीट नहीं मिला, तो वे नामांकन से वंचित रह जायेंगे. वे लोग डीइओ कार्यालय भी गये थे, वहां पता चला कि मार्क्‍स सीट आ गया है, लेकिन कॉलेज को मार्क्‍स सीट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. छात्रों का कहना था कि मार्क्‍स सीट नहीं मिलने से कॉलेज से उन्हें स्थानांतरण प्रमाणपत्र नहीं मिल रहा है. प्राचार्य अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से शुल्क व कागजात की मांग की गयी थी, वह जमा करने के बाद भी अंक पत्र नहीं देने का कारण समझ से परे है. शाम को उन्हें बताया डीइओ कार्यालय से अंक पत्र प्राप्त हो गया. शुक्रवार को अंक पत्र से संबंधित कार्यालय संबंधी कार्य पूरा करने के बाद दोपहर में छात्रों को अंक पत्र दे दिया जायेगा.

कहीं यह भी तो कारण नहीं
डीइओ कार्यालय सूत्रों ने बताया कि मौजी लाल झा इंटर कॉलेज में प्राचार्य का विवाद वर्षो पुराना है. एक अन्य व्यक्ति कई कागजात लेकर डीइओ कार्यालय पहुंच खुद को प्राचार्य स्थापित करने का साक्ष्य प्रस्तुत कर रहा था. उनका कहना था कि अंक पत्र उसके हवाले कर दिया जाये. इसके बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के सचिव के निर्देश का इंतजार किया जा रहा था कि आखिर अंक पत्र किसके हवाले किया जाये. सचिव का निर्देश नहीं आने और छात्रों के हंगामे के बाद डीइओ कार्यालय से प्राचार्य अनिल कुमार मिश्र को अंक पत्र सौंप दिया गया. इस संदर्भ में डीइओ सूर्यदेव कुमार पासवान के मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल पहले वेटिंग और बाद में स्विच ऑफ होने के कारण संपर्क नहीं हो सका.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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