सृजन घोटाला : सीबीआइ ने की कार्रवाई, भागलपुर की पूर्व एडीएम जयश्री ठाकुर गिरफ्तार, गयीं जेल
पटना/भागलपुर : सृजन घोटाले में सीबीआइ ने सोमवार की शाम को बिहार प्रशासनिक सेवा की पदाधिकारी रही जयश्री ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उन्हें सीबीआइ जज प्रवीण कुमार सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत मंे बेऊर जेल भेज दिया गया. सीबीआइ पूछताछ के लिए […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटना/भागलपुर : सृजन घोटाले में सीबीआइ ने सोमवार की शाम को बिहार प्रशासनिक सेवा की पदाधिकारी रही जयश्री ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उन्हें सीबीआइ जज प्रवीण कुमार सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत मंे बेऊर जेल भेज दिया गया.
सीबीआइ पूछताछ के लिए उन्हें रिमांड पर ले सकती है. सीबीआइ ने इस मामले में उनसे पूछताछ करने के लिए चार से ज्यादा नोटिस जारी किये थे. इसके बावजूद वह हाजिर नहीं हुईं. इसके बाद उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था.
इसके आधार पर ही सीबीआइ की टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया है. सृजन घोटाले में सीबीआइ की तरफ से दायर चार्जशीट में जयश्री का भी नाम शामिल है. जब वह एडीएम के तौर पर भागलपुर जिले में पदस्थापित थीं, तब उनके बैंक खाते में सृजन के रुपये ट्रांसफर किये गये थे. बैंक से रुपये के ट्रांजेक्शन की जांच के दौरान उनका एकाउंट नंबर समेत तमाम डिटेल सामने आया था.
इसके अलावा उन्होंने सरकारी राशि से संबंधित कुछ चेक भी सृजन के नाम पर काटे थे. इन मामलों को लेकर सीबीआइ उनसे पूछताछ करना चाहती थी, लेकिनबार-बार कहने के बाद भी वह पूछताछ में सहयोग के लिए तैयार नहीं हुईं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब इस मामले में सीबीआइ दूसरी चार्जशीट जल्द ही दायर करने जा रही है.
चार बार ज्यादा नोटिस के बावजूद पूछताछ के लिए नहीं आयी थीं
14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया बेऊर जेल
इओयू ने भी दर्ज किया आय से अधिक संपत्ति का मामला
जयश्री ठाकुर पर राज्य की आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने भी आय से अधिक संपत्ति और पद का दुरुपयोग करने के मामले में वर्ष 2013 में दो केस दर्ज किये थे. इस मामले में उनके घर पर छापेमारी भी हो चुकी है और अवैध संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज भी बरामद किये गये थे. इस मामले में वह जेल भी जा चुकी हैं. वर्तमान में वह जमानत पर चल रही थीं.
जब वह बांका में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी और भागलपुर में एडीएम थीं, तो अवैध रूप से काफी संपत्ति जमा की थी. आय से अधिक संपत्ति मामले में इओयू ने चार्जशीट भी दायर कर दी है. जल्द ही उनकी सभी अवैध संपत्ति को जब्त करने संबंधित आदेश भी जारी हो सकता है.