सामने नहीं आ सकी सड़क ध्वस्त होने से हुई मौत की कहानी
नवगछिया : तेतरी दुर्गा स्थान कलबलिया धार के पास 14 नंबर सड़क ध्वस्त होने के साथ दो वाहन बह गये थे. आज डेढ़ माह बाद भी इस बात का पता नहीं चल पाया है कि इन वाहनों पर सवार लोगों का क्या हुआ? सड़क ध्वस्त होने के 48 घंटे बाद कलबलिया धार से खरीक प्रखंड […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नवगछिया : तेतरी दुर्गा स्थान कलबलिया धार के पास 14 नंबर सड़क ध्वस्त होने के साथ दो वाहन बह गये थे. आज डेढ़ माह बाद भी इस बात का पता नहीं चल पाया है कि इन वाहनों पर सवार लोगों का क्या हुआ? सड़क ध्वस्त होने के 48 घंटे बाद कलबलिया धार से खरीक प्रखंड के बहत्तरा सहनी टोला गांव के बजरंगी सहनी का शव बरामद किया गया था.
लेकिन, उसके परिजनों और पुलिस का कहना था कि सड़क के साथ बहे दो में से किसी भी वाहन पर बजरंगी सवार नहीं था. बजरंगी कटिहार अपनी बहन के यहां गया था. वह वहां से वह वापस लौट रहा था. बजरंगी कैसे कलबलिया धार में डूबा इस बारे में आज तक सटीक जानकारी नहीं मिल पायी है. बजरंगी के शव पर कई जगह जख्म के निशान थे, जो उसकी मौत की परिस्थिति को संदिग्ध बनाते हैं.
मुंगेर की जयमाला देवी का था एक्सयूवी वाहन : कलबलिया धार से बरामद एक्सयूवी वाहन मुंगेर जिला की जयमाला देवी का था. जयमाला ने अपना वाहन प्राप्त भी कर लिया है. परवत्ता पुलिस के अनुसार जयमाला देवी का कहना था कि एक्सयूवी पर सवार सभी लोग सुरक्षित निकल गये थे. वे अपना वाहन खरीक के अठनिया निवासी एक संबंधी के यहां रखती थी और हादसे के दिन उक्त वाहन पर उनके सभी संबंधी ही सवार थे.
चर्चा में है यह कहानी : सड़क ध्वस्त होने के साथ दो वाहनों के बह जाने और फिर बजरंगी का शव बरामद होने के बारे में इलाके में एक कहानी चर्चा में है. लोगों का कहना है कि बजरंगी एक्सयूवी पर ही सवार था. एक्सयूवी बकरी चोरों के एक गिरोह के कब्जे में था. 12 सितंबर की रात को उक्त स्थल पर ऑटो दुर्घटना का शिकार हो चुका था.
ऑटो पर सवार सभी लोग सुरक्षित बच निकले थे और सड़क के किनारे खड़े थे. इसी दौरान भागलपुर से आ रही एक्सयूवी को ऑटो से सुरक्षित बच कर निकले यात्रियों ने रुकने का इशारा किया, लेकिन गति अनियंत्रित होने के कारण वह धंसान वाली जगह उतर गयी और पानी में विलीन हो गयी.