भागलपुर: प्रथम सत्र एवं न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने शनिवार को सजाैर की बैजनाथपुर पंचायत के मुखिया कपिल देव ठाकुर की हत्या मामले में सजा सुनाई. भादवि की धारा 302/34 में उप मुखिया राकेश कुमार सिंह, अरुण मंडल, भोपाली मंडल व राम प्रवेश मंडल को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी, जबकि 27 आर्म्स एक्ट में पांच साल की सजा व पांच हजार रुपये आर्थिक दंड की भी सजा सुनायी है.
जबकि इस मामले में एक आरोपी वरुण मंडल फरार चल रहा है. केस में अपर लोक अभियोजक मुक्ति प्रसाद सिंह थे. पत्नी रंजीता देवी ने बताया कि वर्ष 2009 के 28 जुलाई को बैजनाथपुर सजाैर के मुखिया कपिल देव ठाकुर की हत्या एक साजिश के तहत अभियुक्तों ने शाहकुंड करहरिया मोड़ के समीप कर दी थी.
श्री ठाकुर को दो गोली मारी गयी थी. घटना स्थल पर उपमुखिया खड़े थे. पूर्व में ससुर हरिवंश ठाकुर की भी हत्या वर्ष 2000 में इन्हीं लोगों ने की थी. इस मामले में पति कपिल देव ठाकुर गवाह थे. केस उठाने को लेकर उक्त लोगों ने पति को जान से मारने तक की धमकी दी थी. पति की हत्या से पूर्व ससुर की हत्या मामले में दो दिन बाद कोर्ट का फैसला आना था. लेकिन आरोपियों ने पति की हत्या कर दी. मामले की प्राथमिकी सजाैर थाना कांड संख्या 122 / 09 में दर्ज करायी गयी थी.
