कार्यपालक अभियंता मनोज और उनसे जुड़े लोगों के बांका व भागलपुर में हैं 11 खाते

भागलपुर : रिश्वत लेते रंगे हाथ 14 जून को गिरफ्तार किये जा चुके बांका पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार चौधरी की संपत्ति की जांच विजिलेंस ने शुरू कर दी है. चौधरी के भागलपुर और बांका में चार अलग-अलग बैंक व पोस्टऑफिस में 11 खाते हैं. कई खाते ऐसे हैं, जिनमें उनकी पत्नी वीणा […]

भागलपुर : रिश्वत लेते रंगे हाथ 14 जून को गिरफ्तार किये जा चुके बांका पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार चौधरी की संपत्ति की जांच विजिलेंस ने शुरू कर दी है. चौधरी के भागलपुर और बांका में चार अलग-अलग बैंक व पोस्टऑफिस में 11 खाते हैं. कई खाते ऐसे हैं, जिनमें उनकी पत्नी वीणा चौधरी के साथ संयुक्त खाते हैं, तो कुछ खाते अन्य लोगों के नाम से हैं.
जो खाते अन्य लोगों के से हैं, उन पर विजिलेंस को आशंका है कि इन खातों के जरिये भी कार्यपालक अभियंता ने संपत्ति छिपा रखी है. विजिलेंस ने बैंकों व पोस्टऑफिस को पत्र भेज दिया है. बांका के पूर्व कार्यपालक अभियंता चौधरी के खातों के संचालन पर रोक लगाने का विजिलेंस के एसपी ने निर्देश दिया है.
बैंकों व पोस्टऑफिस को निर्देश
विजिलेंस के एसपी ने बैंकों व पोस्टऑफिस को यह कहा है कि मनोज कुमार चौधरी के खातों को सीज कर लिया गया है. इसे किसी भी तरह से संचालित नहीं करने दिया जाये. उनके खातों से जुड़े तमाम लॉकर से ट्रांजेक्शन या संचालन को ब्लॉक करने कहा गया है. साथ ही लॉकर की विवरणी भी मांगी गयी है.
अन्य एकाउंट की विवरणी मांगी
विजिलेंस के एसपी ने बैंकों व पोस्टऑफिस से चौधरी के अन्य एकाउंट से संबंधित विवरणी देने का भी निर्देश दिया है. सूत्रों ने बताया कि ऐसा हो सकता है कि चौधरी ने कई और खाते को छिपा दिया हो और इस कारण हो सकता है कि विजिलेंस को यह जानकारी नहीं हो.
क्या है मामला
पूर्व कार्यपालक अभियंता चौधरी के खिलाफ विजिलेंस थाने में 13.6.2018 को केस नंबर 26/18 दर्ज हुआ था. इसके अगले दिन 14 जून को विजिलेंस की टीम ने बांका व भागलपुर में धावा बोला था. बांका से कार्यपालक अभियंता चौधरी को साढ़े तीन लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था, जबकि बांका पीएचइडी के वरीय लेखा लिपिक मंटू कुमार चौधरी 50 हजार रिश्वत लेते धरा गये थे.
विजिलेंस ने विनय कृष्ण नामक व्यक्ति की शिकायत पाने के बाद अपने कर्मियों से मामले का सत्यापन कराया था, ताकि यह पता चल सके कि शिकायतकर्ता की शिकायत में कितना दम है. दूसरी ओर विजिलेंस की दूसरी टीम ने उनके भागलपुर के मिरजानहाट स्थित आवास पर भी छापा मारा था. इस दौरान बैंक व इंश्योरेंस से जुड़े काफी डॉक्यूमेंट विजिलेंस टीम को मिले थे.

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