34 व 35 वार्ड में पानी के लिए हाहाकार 6 दिन से पानी की किल्लत झेल रहे लोग

भागलपुर : भीषण गर्मी में दो वार्ड के लोग जल संकट से जूझ रहे हैं. निगम क्षेत्र के वार्ड 34 और 35 में पिछले छह दिनों से पानी के हाहाकार मचा हुआ है. वार्ड 34 के बोरिंग का मोटर 11 जून से ही पाइप के नीचे गिर गया है, जिसके कारण इस वार्ड में पानी […]

भागलपुर : भीषण गर्मी में दो वार्ड के लोग जल संकट से जूझ रहे हैं. निगम क्षेत्र के वार्ड 34 और 35 में पिछले छह दिनों से पानी के हाहाकार मचा हुआ है. वार्ड 34 के बोरिंग का मोटर 11 जून से ही पाइप के नीचे गिर गया है, जिसके कारण इस वार्ड में पानी के हाहाकार मच ही गया है, वार्ड 35 में भी पानी की समस्या हो गयी है. वार्ड 34 के बोरिंग से ही वार्ड 35 में पानी जाता है. एक ही बोरिंग से दोनों वार्ड के लोगों को पानी मिलता है. लेकिन छह दिनों से इस गर्मी में लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है.
सबसे बड़ी बात है कि एजेंसी के द्वारा पानी वाला टैंकर भी एक ही भेजा जा रहा है. जिससे परेशानी हो रही है. वार्ड 24 के पार्षद प्रतिनिधि राजू लोहार ने कहा कि शनिवार को पानी का टैंकर भी भेजा नहीं गया है. एक टैंकर पानी से क्या होगा. 11 जून से ही मोटर गिर गया है. एजेंसी को कई बार कहा गया,लेकिन ध्यान ही नहीं दिया जाता है.
भेजा भी जाता है, तो एक ही टैंकर. वार्ड 35 के पार्षद दिनेश तांती ने कहा कि एक ही टैंकर में क्या होगा. टैंकर आता भी है तो जहां जहां खड़ा कर दिया जाता है, पार्षदों को जानकारी तक नहीं दिया जाता है. अगर जानकारी देकर टैंकर भेजा जाये तो हम खड़े होकर पानी बंटवा दें. एक टैंकर पानी कम पड़ता है,इसकी संख्या एजेंसी बढ़ाये.
एजेंसी के बिजनेस हेड बोले : और पानी चाहिए तो बतायें
पैन इंडिया एजेंसी पाइप के अंदर गिरे मोटर को निकालने का लगता प्रयास कर रही है, लेकिन मोटर नहीं निकल पा रहा है. मोटर नहीं निकलता देख एजेंसी के बिजनेस हेड ने इस बात की जानकारी नगर आयुक्त को दी. वहीं रविवार को मोटर निकालने को लेकर निगम के जल कल अधीक्षक बोरिं कल पाया. इसकी जानकारी नगर आयुक्त दी है. उन्होंने बताया कि दोनों वार्ड में अधिक पानी के टैंकर की आवश्यकता है तो पार्षद मुझे जानकारी दें, पानी पहुंचेगा. मोटर निकालने का पूरा प्रयास किया जा रहा है.
गर्मी में पानी की भी दिक्कत, सब हैं परेशान
एक टैंकर पानी से लोगों की भरपायी नहीं हो पाती है. जिससे पानी के लिए लोगों को काफी परेशानी हो जाती है. एक टैंकर पानी आने के बाद टैंकर के पास इतनी अधिक भीड़ रहती है कि लोगों काे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. पानी के लिए मारामारी की स्थिति बन जाती है.
कमेटी के सामने पीड़िता रखेगी अपना पक्ष
भागलपुर. मायागंज अस्पताल के इएनटी विभाग में हुई छेड़खानी मामले में सोमवार को पीड़िता अपना पक्ष रखने आ सकती है. गठित कमेटी के सदस्यों ने पीड़िता से पक्ष रखने के लिए कहा है. विभाग की महिला कर्मी ने अपने पुरुष सहयोगी पर छेड़खानी का
आराेप लगाया है. मामले की जानकारी पीड़िता ने मेरठ स्थित अपने मुख्यालय को दी थी. अब वह पीएमओ में शिकायत दर्ज करने की बात कह रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. भागलपुर में विकसित होंगी राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, धोनी और ईशान किशन की राह पर निकलेंगे नये सितारे

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

यह भी पढ़ें >