बिहार : भागलपुर से 1 साल में 69 बच्चे गायब, अब तक 30 बच्चों का कोई सुराग नहीं, जानें कारण

भागलपुर : भागलपुर के लिए यह चिंता का विषय है कि यहां से हर महीने औसतन छह बच्चे लापता हो रहे हैं. पिछले एक वर्ष में 69 बच्चे गायब हो चुके हैं. इनमें अभी भी 30 बच्चे नहीं मिले हैं. खास बात है कि लापता हुए बच्चों में तकरीबन 40 फीसदी लड़कियां हैं. जो बच्चे […]

भागलपुर : भागलपुर के लिए यह चिंता का विषय है कि यहां से हर महीने औसतन छह बच्चे लापता हो रहे हैं. पिछले एक वर्ष में 69 बच्चे गायब हो चुके हैं. इनमें अभी भी 30 बच्चे नहीं मिले हैं. खास बात है कि लापता हुए बच्चों में तकरीबन 40 फीसदी लड़कियां हैं. जो बच्चे नहीं मिल पाये हैं, उनके घरवाले अभी भी परेशान हैं. कभी थाने का चक्कर लगा रहे हैं, तो कभी चाइल्ड लाइन का. बच्चे कहां हैं, किसकी गिरफ्त में हैं और किस स्थिति में हैं, किसी को नहीं पता. लेकिन पीड़ित परिवार और संबंधित संस्था को आशा है कि बच्चे एक न एक दिन जरूर मिलेंगे. उक्त आंकड़े तो सिर्फ चाइल्ड लाइन के भागलपुर केंद्र में दर्ज मामलों के हैं. ऐसे और भी कई बच्चे-बच्चियां गायब हो जाते हैं और उसकी सूचना पुलिस या चाइल्ड लाइन को मिल भी नहीं पाती.

अब तक लापता हुए बच्चों में जिन्हें ढूंढ़ लिया गया, उनसे हुई पूछताछ में अधिकतर मामले घर में मिली डांट-फटकार सामने आयी है. बच्चों ने काउंसेलिंग के दौरान कहा है कि उन्हें पिता ने डांटा या मां ने फटकारा. स्कूल जाने के भय के कारण भी घर से भाग जाने की बात बच्चों ने बतायी है. कुछ ऐसे भी बच्चे मिले, जिसकी घर से भागने की वजह फिजिकल एब्यूज या इमोशनल एब्यूज थी.

लापता बच्चों के आंकड़े
माह…………………….लापता बच्चे…………….अभी भी लापता
अप्रैल 17………………….08………………………..03
मई 17………………03………………………..02
जून 17………………01………………………..01
जुलाई 17……………08………………………..03
अगस्त 17……………08………………………..03
सितंबर 17……………06………………………..04
अक्तूबर 17……………03……………………….02
नवंबर 17……………..03……………………….01
दिसंबर 17……………..05……………………….04
जनवरी 18……………..05……………………….01
फरवरी 18………………09……………………….01
मार्च 18…………………03……………………….02
अप्रैल 18………………..07………………………03
(आंकड़े का स्रोत : चाइल्ड लाइन का भागलपुर सेंटर)

चाइल्ड लाइन के भागलपुर केंद्र समन्वयक अमल कुमार ने बताया कि एक साल में 69 बच्चे गायब हुए. इनमें 39 बच्चों को ढूंढ़ पाने में सफलता मिली. आम लोगों को भी इसमें आगे आना चाहिए. कहीं कोई बच्चा संदिग्ध अवस्था में दिखे, तो 1098 पर तत्काल फोन करें. वहीं केंद्र निदेशक मनोज पांडेय ने बताया कि बच्चों के भागने की मूल वजह माता-पिता की डांट, घर की माली हालत और पढ़ाई का दबाव है. कुछ मामले फिजिकल एब्यूज के भी हैं. ऐसे में बच्चों की मानसिकता को समझते हुए घर और समाज में माहौल बनाने की जरूरत है.

ललमटिया थाना क्षेत्र के साहेबगंज बिंदटोली से गत रविवार को दो बच्ची (10 वर्ष व आठ वर्ष) अचानक गायब हो गयी थी. परिजनों ने पुलिस को शिकायत की. इसके बाद दोनों बच्ची के बंगाल के दालकोला में होने की सूचना मिली. दोनों बच्ची क्यों गायब हुई, इसकी जांच पुलिस कर रही है.

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