बिहार में वज्रपात से नौ की मौत, 5 लोग घायल

भागलपुर : बिहार में शनिवार को बारिश के साथ हुए वज्रपात में कोसी-पूर्व बिहार के नौ लोगों की मौत हो गयी. वहीं, पांच लोग वज्रपात की चपेट में आकर घायल हो गये. सुपौल के तेकुना पंचायत के इमामपट्टी वार्ड नंबर नौ में शनिवार की दोपहर वज्रपात की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत […]

भागलपुर : बिहार में शनिवार को बारिश के साथ हुए वज्रपात में कोसी-पूर्व बिहार के नौ लोगों की मौत हो गयी. वहीं, पांच लोग वज्रपात की चपेट में आकर घायल हो गये. सुपौल के तेकुना पंचायत के इमामपट्टी वार्ड नंबर नौ में शनिवार की दोपहर वज्रपात की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी. जबकि, एक व्यक्ति जख्मी हो गया. 61 वर्षीय मृतक का नाम विद्यानंद पासवान बताया जाता है. जो पूर्व में झारखंड पुलिस में साहेबगंज में पदस्थापित था. फरवरी 2018 में ही वह सेवानिवृत हुआ था. जबकि, पुत्र पिंटू पासवान घर से गिर कर बेहोश हो गया.

पूर्णिया के धमदाहा में वज्रपात के चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गयी, वहीं दो लोग घायल. अररिया के सिकटी में वज्रपात से 13 वर्षीय सोनी खातून की मौत हो गयी जबिक दो लोग घायल हो गये. वहीं किशनगंज में एक की मौत हो गयी है. मृतक की पहचान कोचाधामन के वार्ड संख्या 12 निवासी मो अनवार के रूप में हुई है. इधर, पीरपैंती के परशुरामपुर में ठनका गिरने से महिला की, सन्हौला के भावनीपुर गांव में युवक की व खरीक में वज्रपात से एक की मौत हो गयी.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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