कागज पर लिख कर दीजिए शिकायत बिना वकील 60 दिन में मिलेगा न्याय

भागलपुर : सादे कागज पर शिकायत लिख कर जमा कीजिए. वकील के सहयोग की कोई जरूरत नहीं. 60 दिन में न्याय मिल जायेगा. ऐसी व्यवस्था भागलपुर के व्यवहार न्यायालय स्थित एडीआर भवन में स्थायी लोक अदालत में की गयी है. इस व्यवस्था से अधिक लोग अवगत नहीं हैं. लिहाजा इसके प्रति लोगों को जागरूक किया […]

भागलपुर : सादे कागज पर शिकायत लिख कर जमा कीजिए. वकील के सहयोग की कोई जरूरत नहीं. 60 दिन में न्याय मिल जायेगा. ऐसी व्यवस्था भागलपुर के व्यवहार न्यायालय स्थित एडीआर भवन में स्थायी लोक अदालत में की गयी है. इस व्यवस्था से अधिक लोग अवगत नहीं हैं. लिहाजा इसके प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि इसका लाभ अधिक से अधिक लोग उठा सकें.
यह बातें शनिवार को स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अभय कांत झा (सेवानिवृत्त एडीजे) ने प्रेसवार्ता में कही. श्री झा के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव प्रेम चंद वर्मा, स्थायी लोक अदालत के सदस्य मो महफूज आलम व विकास भी वार्ता के दौरान मौजूद थे.
अदालत के समय दर्ज होगा आवेदन. उन्होंने कहा कि अभी मॉर्निंग कोर्ट चल रहा है. एडीआर भवन में अभी सुबह 6.30 से 12.30 बजे तक शिकायत दर्ज की जायेगी. डे कोर्ट के दौरान सुबह 10 से दोपहर चार बजे तक आवेदन जमा लिया जायेगा.
फैसले के खिलाफ नहीं हो सकती अपील. सचिव श्री वर्मा ने कहा कि स्थायी लोक अदालत में जन उपयोगी सेवाओं से संबंधित प्री लिटिगेश (विवाद पूर्व) वाद का निस्तारण निर्धारित अवधि में किया जाता है. हर हाल में किसी भी शिकायत का निष्पादन 60 दिन में किया जाना है. इस फैसले के खिलाफ कहीं अपील नहीं की जा सकती, बल्कि हाइकोर्ट में रीट दायर की जा सकती है.
ऐसे होता है मामलों का निष्पादन. स्थायी लोक अदालत के पदाधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों में परस्पर वार्ता, सुझाव व सहमति को आधार बनाते हुए निर्णय लिया जाता है. लेकिन सहमति नहीं बनी, तो स्वतंत्र रूप से मामले का निष्पादन किया जाता है. फिर अदालत के फैसले पर दोनों पक्षों को पालन करना अनिवार्य हो जाता है. अदालत द्वारा पारित एवार्ड को इजरा के लिए व्यवहार न्यायालय को भेजा जा सकता है.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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