भागलपुर : प्रशासन, स्थानीय बुद्धिजीवियों की सूझबूझ से अमन बिगाड़ने की साजिश नाकाम, भाईचारा बरकरार

– भागलपुर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सूझबूझ से काम लिया जाये, तो नापाक इरादे के साथ समाज को तोड़ने की कोशिश कामयाब नहीं हो सकती – नाथनगर में कुछ असामाजिक तत्वों ने स्थिति को तनावपूर्ण कर दिया. उपद्रवियों ने सिटी डीएसपी के बॉडीगार्ड, एक सिपाही व एक सैलून संचालक को […]

– भागलपुर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सूझबूझ से काम लिया जाये, तो नापाक इरादे के साथ समाज को तोड़ने की कोशिश कामयाब नहीं हो सकती

– नाथनगर में कुछ असामाजिक तत्वों ने स्थिति को तनावपूर्ण कर दिया. उपद्रवियों ने सिटी डीएसपी के बॉडीगार्ड, एक सिपाही व एक सैलून संचालक को जख्मी कर दिया

– बाइक फूंकी, गाड़ियों के शीशे तोड़े, लेकिन प्रबुद्धजनों व प्रशासनिक पदाधिकारियों ने सूझबूझ से काम लिया और असामाजिक तत्वों के इरादे को नाकाम कर दिया

भागलपुर : एक बार फिर गंगा-जमुनी संस्कृति की जीत हुई. समाज के प्रबुद्ध लोगों व प्रशासन ने मिलकर उपद्रवियों के नापाक इरादों को नाकाम कर दिया. गाना व नारे के विवाद के बाद कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, वे असफल रहे. प्रशासनिक अधिकारियों की मुस्तैदी और संयम से लिये गये निर्णय ने उपद्रवियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया. नाथनगर थाना क्षेत्र के चंपानगर इलाके में गानों और नारों को लेकर कुछ लोगों के बीच विवाद हो गया. इसका फायदा उठाते हुए कुछ उपद्रवियों ने चंपानगर चौक पर मारपीट, रोड़ेबाजी और फायरिंग शुरू कर दी. उपद्रवियों ने करीब आधा दर्जन राउंड फायरिंग और बमबाजी भी की.
इसमें दो दर्जन से भी अधिक लोग घायल हो गये. पत्थरबाजी के दौरान हुई फायरिंग में दंगा नियंत्रण-टू के सिपाही राम प्रवेश ज्ञानी के दाहिने बांह में गोली लग गयी. सिटी डीएसपी के बॉडीगार्ड जितेंद्र कुमार का पत्थर लगने से सिर फट गया. सैलून संचालक जितेंद्र ठाकुर बम लगने से जख्मी हो गये. गंभीर रूप से घायल इन तीनों लोगों को मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया.
वहीं एक दर्जन से भी अधिक पुलिस अधिकारी, पदाधिकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गये. करीब पांच घंटे तक चले उपद्रव के दौरान दोनों पक्षों से दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये. उन्हें इलाज के लिए सरकारी समेत निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है. उधर, उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए बांका व मुंगेर से पुलिस जवानों को बुलाया गया.
ऐसे शुरू हुआ विवाद
विवाद दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुआ, जब नववर्ष को लेकर निकाला गया जुलूस चंपानगर से गुजर रहा था. लोगों का आरोप है कि जुलूस में बज रहे गानों और लग रहे नारों का विरोध स्थानीय महिलाओं व अन्य लोगों ने किया. इसी बात को लेकर विवाद हुआ. इस विवाद का फायदा उठाते हुए कुछ उपद्रवियों ने दूसरे पक्ष के कुछ लोगों की पिटाई कर दी. यह देख स्थानीय लोग भड़क गये और उपद्रवियों की पिटाई कर उन्हें खदेड़ दिया. जुलूस के नेतृत्वकर्ताओं का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं हुई. जुलूस शांतिपूर्वक निकला. घटना की सूचना फैलते ही नाथनगर थाना क्षेत्र के चंपानगर और चंपानगर से सटे आसपास के इलाकों में मारपीट होने लगी. इसी मारपीट का फायदा उपद्रवियों ने उठाया और पत्थरबाजी शुरू कर दी. वहीं इस दौरान करीब तीन बम धमाके और छह राउंड फायरिंग भी की गयी. इसमें कई लोग घायल हो गये.
स्थानीय पुलिस को पीटा
घटना की तत्काल सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस को उपद्रवियों ने अपना निशाना बना उनके साथ मारपीट और पत्थर से मार घायल कर दिया. बढ़ते तनाव की सूचना पाकर मौके पर सिटी डीएसपी, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर समेत शहरभर के थानों की पुलिस पहुंची, पर स्थिति को नियंत्रित कर पाने में परेशान दिखे. इसी दौरान सुल्तानगंज की ओर से आ रहे एक छात्र को उपद्रवियों ने अपना निशाना बनाया और उसकी जमकर पिटाई कर दी. उपद्रवियों ने छात्र की मोटरसाइकिल में आग लगा दी. वहीं उसकी जेब से मोबाइल और पर्स छीन लिया. वहां से गुजर रहे एक अन्य व्यक्ति की साइकिल को भी छीनकर आग के हवाले कर दिया. भागलपुर की तरफ से आ रहे एक टेंपो को क्षतिग्रस्त कर उसपर बैठी महिला यात्रियों को उतारकर उनके साथ मारपीट की और टेंपो को वहीं पर उलटा दिया. घटनास्थल पर डीएम, एसएसपी, डीडीसी, नगर आयुक्त और सदर एसडीओ पहुंचे.
एसएसपी को भी उपद्रवियों ने खदेड़ दिया
लाउडस्पीकर लेकर लोगों को शांत करने आगे बढ़ रहे एसएसपी को लोगों ने तीन बार खदेड़ दिया. उनके वाहन के शीशे भी उपद्रवियों ने फोड़ दिये. माहौल बिगड़ता देख एसएसपी ने फौरन दंगा नियंत्रण दल की दो टीमों को मौके पर बुलाया. पर दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी और फायरिंग को देख दंगा नियंत्रण दस्ता को बैकफुट पर आना पड़ गया.
देर रात केस दर्ज
– रणक्षेत्र बना नाथनगर, दो दर्जन से अधिक लोग घायल, शांति कायम, देर रात केस दर्ज
– बार-बार पुलिस पर हमला बोलते रहे उपद्रवी, पर संयम दिखाती रही पुलिस
– सिटी डीएसपी के बॉडीगार्ड, एक सिपाही व एक सैलून संचालक मायागंज अस्पताल में भर्ती
– सुलतानगंज जा रहे युवक को पीटा, आग के हवाले कर दी बाइक, कई गाड़ियों के शीशे तोड़े
– फायरिंग, बमबाजी, रोड़ेबाजी
– अमनपसंद सामने आये, चला बैठकों का दौर, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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