बेतिया कौशल विकास: युवाओं को हुनरमंद बनाकर बेहतर रोजगार से जोड़ने की दिशा में पश्चिमी चंपारण में पहल तेज करने की तैयारी है. इसी को लेकर समाहरणालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता पश्चिमी चंपारण के सांसद डॉ संजय जायसवाल ने की. इसमें जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित, डीडीसी वैभव काजले नितिन और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑफ स्किल के पदाधिकारी शामिल हुए.
जिले में कौशल विकास की संभावनाओं पर चर्चा
बैठक में पश्चिमी चंपारण में कौशल विकास से जुड़ी संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. युवाओं की योग्यता और क्षमता के अनुसार उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने, प्रशिक्षण पूरा करने के बाद रोजगार के अवसर बढ़ाने और कौशल विकास के क्षेत्र में नयी पहल शुरू करने पर चर्चा हुई.
अधिकारियों ने कहा कि जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना जरूरी है. इससे उन्हें रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा और उन्हें नौकरी की तलाश में दूसरे शहरों का रुख करने की जरूरत भी कम हो सकती है.
उद्योगों की जरूरत के अनुसार होगा प्रशिक्षण
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि युवाओं को सिर्फ प्रशिक्षण देने के बजाय उन्हें उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाए. इसके लिए रोजगार बाजार में जिन कौशल की मांग है, उन्हें ध्यान में रखकर प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गयी.
इससे प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार रोजगार हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है. संबंधित संस्थाओं और उद्योग जगत के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी अधिकारियों ने जोर दिया.
प्रशिक्षण से रोजगार तक जोड़ने पर फोकस
सांसद डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि बैठक का उद्देश्य जिले में कौशल विकास के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करना है. युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण से जोड़कर उनके लिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है.
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि युवाओं की क्षमता को रोजगार से जोड़ने के लिए संबंधित संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय बनाया जाए. कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में आगे की पहल की जायेगी.
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