सड़क पर दौड़ रही ''''सरकारी'''' ओवरलोडिंग, मौत के ढ़ेर पर बैठ रहे मजदूर

. जहां आम आदमी की बाइक पर दो लोग से अधिक हों तो चालान, हेलमेट न हो तो जुर्माना. लेकिन जब सरकारी गोदाम से ट्रैक्टर पर चावल का पहाड़ दौड़े, तो सबकुछ जायज़.

मैनाटांड़ . जहां आम आदमी की बाइक पर दो लोग से अधिक हों तो चालान, हेलमेट न हो तो जुर्माना. लेकिन जब सरकारी गोदाम से ट्रैक्टर पर चावल का पहाड़ दौड़े, तो सबकुछ जायज़. मैनाटांड़ प्रखंड मुख्यालय स्थित एफसीआई गोदाम से इन दिनों कानून नहीं, बल्कि कानून की धज्जियां उड़ाते हुए ओवरलोड वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं. बुधवार को भी मैनाटाड़-बसंतपुर मुख्य सड़क पर ऐसा ही नजारा सामने आया, जब एक ट्रैक्टर पर तय सीमा से कई गुना ज्यादा चावल की बोरियां लदी थीं और उसी जानलेवा ढेर पर मजदूर बैठे हुए थे. राहगीर सहमे हुए थे, वाहन चालक दूर-दूर से ब्रेक लगा रहे थे. क्योंकि किसी भी पल ट्रैक्टर पलट सकता था और मौत का खेल शुरू हो सकता था. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है. एफसीआई गोदाम से रोजाना इसी तरह ओवरलोड ट्रैक्टर और ट्रक रवाना होते हैं. इससे सड़क जाम आम बात हो गई है और हादसे की आशंका हर वक्त मंडराती रहती है. शिकायतें होती हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है. नियम साफ कहते हैं कि सार्वजनिक सड़कों पर ओवरलोडिंग और बिना ढके खाद्यान्न परिवहन अपराध है. लेकिन मैनाटांड़ में यही अपराध सरकारी संरक्षण में फल-फूल रहा है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि इस सरकारी लापरवाही पर तुरंत ब्रेक लगाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो. इस मामले में एफसीआई गोदाम प्रबंधक सलोनी कुमारी का कहना है कि ओवरलोडिंग गलत है, मामले की जांच की जाएगी और संवेदक को तय मात्रा में ढुलाई का निर्देश दिया गया है.

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Author: SATISH KUMAR

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