पश्चिम चंपारण के कई पीएम श्री स्कूलों में नहीं लगा पहचान बोर्ड, जांच में खुली लापरवाही

पश्चिम चंपारण के पीएम श्री विद्यालयों के निरीक्षण में कई स्कूलों में बुनियादी मानकों के अनुपालन में कमी सामने आई है. राज्य स्तरीय जांच टीम को दर्जनभर से अधिक विद्यालयों के गेट या सूचना पट्ट पर पीएम श्री विद्यालय का बोर्ड नहीं मिला. निरीक्षण के दौरान डिजिटल शिक्षा, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और लर्निंग आउटकम का भी मूल्यांकन किया गया. पढ़ें पूरी खबर…

बेतिया से रवि “रंक” की रिपोर्ट

पश्चिम चंपारण जिले के पीएम श्री विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान राज्य स्तरीय जांच टीम को कई विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुपालन में कमी मिली है. निरीक्षण के दौरान दर्जनभर से अधिक विद्यालयों के मुख्य प्रवेश द्वार या सूचना पट्ट पर “पीएम श्री विद्यालय” अंकित नहीं पाया गया, जिस पर टीम ने नाराजगी जताई.

जिले के 27 विद्यालयों को अप्रैल 2025 में पीएम श्री विद्यालय के रूप में चयनित किया गया था. इसके बावजूद कई विद्यालयों में योजना की पहचान से जुड़े बुनियादी मानकों का पालन नहीं होने की बात सामने आई है.

दो दिनों तक चला निरीक्षण अभियान

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य साधनसेवी सह असैनिक कार्यों के राज्य स्तरीय प्रबंधक भोला प्रसाद सिंह तथा तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक राजदेव राम ने 12 और 13 जून को जिले के विभिन्न पीएम श्री विद्यालयों का निरीक्षण किया.

निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग में हलचल की चर्चा है. हालांकि जांच दल ने अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इनकार करते हुए कहा कि रिपोर्ट सीधे शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी.

कई विद्यालयों में नहीं मिला पीएम श्री बोर्ड

निरीक्षण के दौरान जिला मुख्यालय बेतिया स्थित विपिन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और आमना उर्दू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित कई विद्यालयों में पीएम श्री योजना से संबंधित पहचान बोर्ड नहीं मिलने की बात सामने आई.

इसी तरह योगापट्टी के आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मच्छरगांवा, बैद्यनाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर, नौतन के जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तेलुआ, बगहा डीएम एकेडमी तथा चनपटिया के गणेश प्रसाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समेत कई विद्यालयों में भी ऐसी स्थिति पाई गई.

आधुनिक सुविधाओं और लर्निंग आउटकम की हुई जांच

निरीक्षण टीम ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार पीएम श्री योजना के तहत उपलब्ध कराए गए संसाधनों और बजट के उपयोग का आकलन किया गया.

इसके तहत आईसीटी लैब, आधुनिक पुस्तकालय, खेल मैदान, विज्ञान प्रयोगशाला, वोकेशनल एजुकेशन लैब और डिजिटल शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण किया गया. साथ ही छात्र-छात्राओं के लर्निंग आउटकम, नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था और कौशल विकास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई.

बाल वाटिका और किचन गार्डन का भी हुआ मूल्यांकन

राज्य स्तरीय टीम ने विद्यालय परिसरों में विकसित बाल वाटिका, किचन गार्डन और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया.

इसके अलावा विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों के साथ समीक्षा बैठक, छात्रों से संवाद और विद्यालयों में संचालित गतिविधियों को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया. जांच अधिकारियों के अनुसार पीएम श्री विद्यालयों के उन्नयन के एक वर्ष बाद उनकी कार्यशीलता और प्रभाव का आकलन करने के उद्देश्य से यह निरीक्षण किया गया.

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By Sarfaraz Ahmad

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