Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. जिले के आठ नवसृजित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का शुभारंभ 15 जुलाई को सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भागलपुर से वर्चुअल माध्यम से करेंगे. उद्घाटन के साथ ही इन महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी.
इन आठ प्रखंडों में शुरू होंगे नए कॉलेज
राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के आठ प्रखंडों में नए राजकीय डिग्री महाविद्यालय स्थापित किए हैं. इनमें शामिल हैं—
- मझौलिया
- चनपटिया
- योगापट्टी
- बैरिया
- ठकराहा
- सिकटा
- भितहां
- पिपरासी
जिला प्रशासन ने शुरू की व्यापक तैयारी
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. प्रत्येक महाविद्यालय के लिए अलग-अलग नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिन्हें संबंधित प्रखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग और अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
14 जुलाई तक पूरी होंगी सभी व्यवस्थाएं
जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि 14 जुलाई तक सभी महाविद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित कर ली जाएं. इनमें शामिल हैं—
- महाविद्यालय भवन एवं कक्षाएं
- पेयजल और बिजली
- शौचालय
- इंटरनेट सुविधा
- फर्नीचर
- साफ-सफाई
- सुरक्षा व्यवस्था
- मंच एवं एलईडी स्क्रीन
- ऑनलाइन प्रसारण की व्यवस्था
- अग्निशमन उपकरण
उद्घाटन से एक दिन पहले सभी कॉलेजों में वर्चुअल कार्यक्रम का ट्रायल रन भी कराया जाएगा.
जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियों की रहेगी भागीदारी
उद्घाटन कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव चनपटिया प्रखंड के कुमारबाग स्थित कार्यक्रम में शामिल होंगे. सांसद, विधायक, विधान पार्षद, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि अपनी सुविधा के अनुसार संबंधित महाविद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे.
कार्यक्रम को जनभागीदारी का स्वरूप देने के लिए शिक्षाविदों, अभिभावकों, विद्यार्थियों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं.
कानून-व्यवस्था और निगरानी की जिम्मेदारी तय
जिला प्रशासन ने भवन निर्माण, बिजली, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, नगर निकाय, अग्निशमन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया है.
सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नवस्थापित महाविद्यालयों में किसी भी प्रकार की आधारभूत या प्रशासनिक कमी नहीं रहनी चाहिए, ताकि उद्घाटन के साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो सके.
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