West Champaran News: गंडक पार के भितहा, ठकराहा, मधुबनी एवं पिपरासी प्रखंडों में लगातार हो रही अनियमित बिजली आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों बिजली गुल रहने से बच्चे, बुजुर्ग, बीमार, किसान, दुकानदार और छोटे व्यवसायी परेशान हैं. समस्या के समाधान की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के कनीय विद्युत अभियंता, शाखा भितहा को आवेदन सौंपा है.
Bhitaha News: चार प्रखंडों में बिजली आपूर्ति का बुरा हाल
ग्रामीणों के अनुसार पिछले चार-पांच महीनों से चारों प्रखंडों में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है. बिजली आने के कुछ ही देर बाद फिर कटौती हो जाती है और कई-कई घंटे तक आपूर्ति बाधित रहती है.
लगातार बिजली कटौती के कारण गर्मी और उमस में लोगों की परेशानी बढ़ गई है. किसानों, दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के काम पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है.
बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों की बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. वहीं बुजुर्गों और बीमार लोगों को भी भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
किसानों का कहना है कि बिजली आपूर्ति अनियमित रहने से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों के कारोबार पर भी बिजली संकट का असर पड़ रहा है.
विद्युत विभाग को सौंपा आवेदन
बिजली समस्या को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों ने कनीय विद्युत अभियंता, शाखा भितहा को आवेदन देकर नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की. ग्रामीणों ने विभाग से समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है.
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
समाजसेवी अंशुमान पाण्डेय एवं जमालुद्दीन अंसारी ने ग्रामीणों की ओर से चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो हजारों ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी.
चारों प्रखंडों में नियमित बिजली आपूर्ति की मांग
ग्रामीणों ने भितहा, ठकराहा, मधुबनी एवं पिपरासी प्रखंडों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे.
मौके पर संतराज गुप्ता, नीलेश कुशवाहा, राम निवास कुशवाहा, राजू पसारी, दीपू गुप्ता, अनिरुद्ध गुप्ता, चेतन ठाकुर, आजाद अंसारी, राजकुमार यादव, नरेश बीन, मिथलेश शर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे.
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