Valmikinagar News: वाल्मीकिनगर. वीटीआर वन प्रमंडल-2 के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र स्थित प्राचीन जटाशंकर धाम मंदिर में श्रावणी मेले के दौरान रविवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब मंदिर जाने वाले जंगल मार्ग पर श्रद्धालुओं ने अचानक दो भालुओं को सड़क पर चहलकदमी करते देखा. भालुओं को सामने देखकर श्रद्धालु डरकर पीछे की ओर भागने लगे. कुछ देर तक मार्ग पर आवागमन भी बाधित रहा. बाद में कुछ युवकों के शोर करने पर दोनों भालू जंगल की ओर चले गए.
मंदिर जाने के रास्ते पर अचानक दिखे दो भालू
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए जंगल मार्ग से जटाशंकर धाम की ओर जा रहे थे. इसी दौरान अचानक सड़क पर दो भालू दिखाई दिए. वन्यजीवों को सामने देखकर श्रद्धालु भयभीत हो गए और पीछे की ओर भागने लगे. इससे कुछ देर के लिए मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया.
युवकों के शोर मचाने पर जंगल की ओर चले गए भालू
भालुओं को देखकर कुछ युवकों ने साहस दिखाते हुए शोर-गुल करना शुरू किया. आवाज सुनकर दोनों भालू जंगल की ओर चले गए. इसके बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और रास्ते पर आवागमन सामान्य हो गया.
श्रद्धालुओं ने बताया कि जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण मंदिर जाने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. अचानक सामने भालू आने से लोग काफी डर गए थे.
वन विभाग ने श्रद्धालुओं से की सावधानी बरतने की अपील
वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने कहा कि वन क्षेत्र में वन्यजीवों का विचरण स्वाभाविक है. श्रद्धालु और पर्यटक जंगल क्षेत्र में पूरी सावधानी बरतें.
उन्होंने अपील की कि भालू या किसी अन्य वन्यजीव का पीछा करने, उनके करीब जाने अथवा सेल्फी और वीडियो बनाने की कोशिश न करें. ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.
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