बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले में आज 14 नवंबर को होने वाली विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर सियासी तापमान चरम पर है. नौ विधानसभा क्षेत्रों में वाल्मीकिनगर, रामनगर, नरकटियागंज, बेतिया, चनपटिया, सिकटा, नौतन, लौरिया और बगहा के कुल 72 प्रत्याशी और उनके समर्थक अब अंतिम नतीजों के इंतजार में सांसें थामे बैठे हैं. काउंटिंग को लेकर सारी तैयारियां पूर्ण हो चुकी है. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं.
इसी क्रम में गुरुवार को स्थानीय बाजार समिति स्थित मतगणना केंद्र पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को विस्तृत ब्रीफिंग दी. ब्रीफिंग के दौरान डीएम ने कहा कि मतगणना कार्य निर्वाचन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील चरण है, इसलिए सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी सतर्कता, निष्पक्षता और अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मतगणना स्थल पर केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाएगी. उन्होंने आगे बताया कि मतगणना प्रक्रिया 14 नवम्बर 2025 (शुक्रवार) को निर्धारित है और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां जैसे स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, मतगणना टेबल की व्यवस्था, बिजली एवं संचार व्यवस्था, मीडिया सेंटर, तथा पार्किंग की व्यवस्था पूरी कर ली गई है. डीएम ने मतगणना पर्यवेक्षकों, सहायक अधिकारियों तथा टेबल सुपरवाइजर्स को मतगणना के प्रत्येक चरण की प्रक्रिया, इवीएम और वीवीपैट की गिनती से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शंका की स्थिति में तत्क्षण वरीय पदाधिकारी को सूचित किया जाए ताकि प्रक्रिया निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके. उन्होंने सुरक्षा से संबंधित बिंदुओं पर भी विशेष जोर दिया और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि मतगणना स्थल के भीतर और बाहर सुरक्षा की तीन स्तरीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि मतगणना कार्य पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं शांति के साथ सम्पन्न हो और परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें. इस दौरान उन्होंने मतगणना केन्द्र का गहन निरीक्षण किया और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया.
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मतगणना के लिए लगाए गए 2000 कर्मी बता दें कि जिले के सभी मतगणना केंद्र के लाए गए ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती के लिए दो हजार से अधिक अधिकारी और कर्मियों को कंट्रोल रुप में तैनात किया गया है. इन सभी अधिकारियों व अलग अलग विभाग के कर्मियों को कई बार निर्वाचन आयोग के द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है. मतों की गिनती के समय प्रति ईवीएम तीन प्रशिक्षित कमी और अधिकारी वहां मौजूद रहेंगे. इन सभी की उपस्थिति में ही मतों की गिनती होगी. उसके बार निर्धारित समय अंतराल पर गिनती किए गए मतों की चरण वार घोषणा की जाएगी. ———-पोस्टल बैलेट पेपर की गिनती से होगी मतगणना की शुरुआत
बाजार परिसर में बनाए गए कंट्रोल रुम में रखे गए सभी ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती की शुरुआत सबसे पहले अलग अलग जगहों से आए पोस्टल बैलट पेपर की गिनती के साथ की जाएगी. इसकी गिनती करने के लिए प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात किया गया है. यहां बता दें कि पोस्टल बैलेट की गिनती सुबह 8:30 तक समाप्त नहीं होती है तो इस स्थिति में कर्मियों व अधिकारियों के द्वारा स्वत: ही ईवीएम में दर्ज किए गए वोटों की गिनती शुरु कर दी जाएगी.
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प्रति ईवीएम तीन अधिकारी व कर्मी होंगे तैनात ईवीएम में दर्ज किए गए वोटों की गिनती के लिए विशेष नियमावली बनायी गयी है. इसके अनुरुप एक- एक मत की गिनती के लिए प्रति ईवीएम तीन अधिकारी व कर्मी को तैनात किया गया है. इन तीन सदस्यों में एक जेई रैंक के अधिकारी को शामिल किया गया है. वहीं इसमें एक सहायक रैंक के काउंटिंग असिस्टेंट भी शामिल किए गए है. इसके अलावे माइक्रो आब्जर्बर के रुप में सेंट्रल गर्वमेंट के कर्मी को शामिल किया गया है. इन तीनों की उपस्थिति में मतगणना की जाएगी. इन तीनों की उपस्थिति अनिवार्य है. ————————–कई जगह लगाए गए ड्राॅप गेट
मतगणना कक्ष में मजिस्ट्रेट रैंक के कई अन्य अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. मतगणना के लिए लगभग 2000 अधिकारी व अलग अलग विभाग के कर्मियों को जिम्मेवारी सौंपी गयी है. पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए कई जगह पर ड्राॅप गेट भी लगाए गए है जिसकी मॉनीटरिंग डीएसपी रैंक के अधिकारी कर रहे है. मतगणना के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी प्रत्येक विधानसभा वार 14 टेबुल के लिए 14 काउंटिंग एजेंट एआरओ टेबुल के लिए एक काउंटिंग एजेंट नियुक्त कर सकते है. प्रत्येक काउंटिंग हॉल में एक एक एआरओ का टेबल भी होगा.
जुलूस पर रहेगा पूरी तरह से प्रतिबंध
विजेताओं की घोषणा के बाद जुलूस निकालने पर इस बार पूरी तरह से प्रतिबंध कर दिया गया है. नागरिकों की सुरक्षा माहौल के मद्देनजर ऐसा निर्णय लिया गया है. चुनाव आयोग के मुख्य सचिव के निर्देश के आलोक में विजय जुलूस निकालने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. गुरुवार को भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के अधिकारियों को यह निर्देश जारी किया गया है. परिणाम घोषणा के बाद जुलूस निकालने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
