वीटीआर के मंगुराहा रेंज में बाघ ने चरवाहे को बनाया अपना निवाला

पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के मंगुराहा रेंज अंतर्गत कैरी गांव के समीप पंडई नदी किनारे बुधवार की शाम बाघ ने एक भैंस चरवाहे को मार डाला.

गौनाहा. पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के मंगुराहा रेंज अंतर्गत कैरी गांव के समीप पंडई नदी किनारे बुधवार की शाम बाघ ने एक भैंस चरवाहे को मार डाला. घटना शाम करीब पांच बजे की है. जानकारी के अनुसार कैरी गांव निवासी रामकिशुन महतो अपने साथियों वासुदेव उरांव और रवि उरांव के साथ भैंस चराकर घर लौट रहे थे. इसी दौरान रवि उरांव लघुशंका के लिए रुके, वासुदेव आगे बढ़ गए और रामकिशुन बीच में थे. तभी झाड़ियों में छिपा बाघ अचानक झपटा और रामकिशुन को दबोचकर जंगल की ओर ले गया. घटना को प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा और शोर मचाते हुए गांव पहुंचें. ग्रामीणों ने तुरंत मंगुराहा रेंज और नजदीकी एसएसबी कैंप को सूचना दी. रेंज कर्मियों और एसएसबी जवानों की टीम जंगल में खोजबीन करते हुए लगभग दो किलोमीटर अंदर पहुंची, जहां बाघ रामकिशुन का शव खा रहा था. शोर मचाने पर बाघ कुछ दूरी पर हट गया. इस दौरान लोगों ने देखा कि मृतक के शरीर का ऊपरी हिस्सा बाघ द्वारा खा लिया गया था. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. मृतक रामकिशुन महतो के चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं, जिनमें सबसे छोटे बेटे और बेटी की अभी शादी नहीं हुई है. वन क्षेत्र पदाधिकारी मंगुराहा मुमताज आलम ने कहा कि पीड़ित परिवार को हरसंभव मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा. रेंज प्रशासन ने भी परिवार को सहायता का आश्वासन दिया है. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने बाघ की बढ़ती गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है.

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Author: SATISH KUMAR

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