एक हफ्ते से इलाके में घूम रहा था बाघ, हमले के कुछ देर बाद मिली लाश, जांच में जुटा वन विभाग

वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में एक बाघ द्वारा अधेड़ पर हमला करने के कुछ देर बाद ही उसका शव मिलने से सनसनी फैल गई है. शरीर पर कोई बाहरी चोट न मिलना मामले को रहस्यमय बना रहा है. वन विभाग पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा है.

Tiger Death Investigation: वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में गुरुवार को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई. एक अधेड़ व्यक्ति पर हमला करने के कुछ ही देर बाद बाघ का शव घटनास्थल से करीब 20 से 25 मीटर की दूरी पर मिला. इस घटना ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है.

फिलहाल बाघ की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है. वन विभाग ने पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष आने की बात कही है.

शरीर पर नहीं मिले बाहरी चोट के निशान

प्रारंभिक जांच में बाघ के शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं.

वन अधिकारियों के अनुसार, मृत बाघ काफी कमजोर और बीमार दिखाई दे रहा था. प्रथम दृष्टया आशंका है कि उसकी मौत अधिक उम्र और खराब स्वास्थ्य के कारण हुई हो सकती है. हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी.

आईवीआरआई बरेली भेजे जाएंगे नमूने

वन विभाग ने बाघ के शव को सुरक्षित निकालकर कौशल विकास केंद्र पहुंचाया है, जहां पोस्टमार्टम की तैयारी की जा रही है.

अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद बाघ की किडनी, लिवर, मस्तिष्क और पेट के नमूने जांच के लिए इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई), बरेली भेजे जाएंगे. वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट से ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी.

एक सप्ताह से क्षेत्र में घूम रहा था बाघ

वन विभाग के अनुसार, यह पैंथेरा टाइग्रिस प्रजाति का बाघ था और पिछले लगभग एक सप्ताह से वाल्मीकिनगर क्षेत्र में लगातार देखा जा रहा था.

करीब तीन दिन पहले सबसे पहले इसकी मौजूदगी संतपुर गांव के पास दर्ज की गई थी. इसके बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी थी.

अधेड़ पर किया था हमला

गुरुवार को इसी बाघ ने एक अधेड़ व्यक्ति पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था. वनकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से घायल व्यक्ति की जान बचा ली गई.

हालांकि कुछ ही देर बाद घटनास्थल के पास बाघ का शव मिलने से पूरा मामला रहस्यमय बन गया है. अब वन विभाग और स्थानीय लोगों की निगाहें पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है.


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By Prabhat khabar news desk

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