बेतिया/मैनाटांड़ . पश्चिम चंपारण स्थित वीटीआर के दोहरम नदी के तट पर बुधवार को एक विशालकाय नर बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया. मामला वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष मंडल एक के मंगुराहा वन प्रक्षेत्र अंतर्गत मानपुर वन क्षेत्र का है, गश्ती पर निकली वन कर्मियों की टीम ने पुरैनिया गांव के समीप खेत से बाघ का शव बरामद किया. सूचना मिलते ही मानपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार पुलिस बल एवं एसएसबी के साथ पहुंचे और क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गयी. आधा किलोमीटर के दायरे में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी. इसके बाद बेतिया वन प्रमंडल के डीएफओ शेखर प्रधान, फॉरेस्टर हिमांशु कुमार, बायोलॉजिस्ट पंकज ओझा सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया. वन विभाग के अनुसार गश्ती दल को सबसे पहले शव मिलने की जानकारी मिली थी. प्रारंभिक जांच में बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाये गये हैं, जिससे शिकार की आशंका नहीं के बराबर है. घटनास्थल से बिजली तार भी बरामद किया गया है. प्रथमदृष्टया आशंका जतायी जा रही है कि किसानों ने फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए अवैध रूप से खेतों में बिजली प्रवाहित कर रखी थी, जिसकी चपेट में आने से बाघ की मौत हो गयी. फॉरेस्टर हिमांशु कुमार ने बताया कि बाघ की उम्र लगभग ढाई वर्ष बतायी जा रही है. मौत के अन्य संभावित कारणों में आपसी संघर्ष या जहर की भी जांच की जा रही है. बाघ का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सकों के पैनल द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है. बिसरा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जायेगा. वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में साबित होता है कि खेतों में जानबूझकर बिजली प्रवाहित की गयी थी, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. प्रथमदृष्टया बिजली करंट से मौत की पुष्टि हुई है. मामले में जांच टीम गठित की गयी है. यदि बिजली करंट लगाकर जंगली जीवों को मारने की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
वीटीआर में करेंट से बाघ की मौत, दोहरम नदी के तट पर मिला शव
पश्चिम चंपारण स्थित वीटीआर के दोहरम नदी के तट पर बुधवार को एक विशालकाय नर बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया.
