बेतिया. नौ वर्ष पूर्व भूमि विवाद को लेकर साठी थाने के बसंतपुर गांव में दो सगे भाई झगरू यादव एवं झापस यादव की गोली मारकर हुई हत्या के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए जिला अपर एवं सत्र न्यायाधीश विकास सिंह ने दोषी करार दिए गए तीन अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई है. वही तीनों अभियुक्तों को 40-40 हजार रुपया जुर्माना भी देने का आदेश दिया है. सजायाफ्ता राजेंद्र यादव, रामदत्त यादव, शिव परसन यादव साठी थाने के बसंतपुर गांव के रहने वाले हैं. अपर लोक अभियोजक गोविंद यादव ने बताया कि घटना 8 सितंबर वर्ष 2016 की शाम 4 बजे की है. इस कांड का सूचक मनन यादव अपने पिता झापस यादव एवं चाचा झगरू यादव के साथ गांव के दक्षिण खेत देखने गया हुआ था. खेत देखकर वह छठ घाट चबूतरा पर बैठा हुआ था. तभी सजायाफ्ता अपने अन्य सहयोगियों के साथ हरबे हथियार से लैस होकर वहां आए. सभी जमीन लिखवाकर मुकदमा लड़ाने की बात कहते हुए उन पर गोली चलाने लगे. जिससे झगरू यादव एवं झापस यादव गंभीर रूप से जख्मी होकर जमीन पर गिर गए एवं कांड का वादी मनन यादव भाग कर खेत में छिप गया. अन्य अभियुक्त लाठी एवं भाला से जख्मी को बुरी तरह से मारने लगे. अभियुक्तों ने झापस और झगरू के ऊपर लगातार फायरिंग की. जिससे उनके शरीर के कई हिस्से में गोली लगी. उसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने जख्मी को प्राथमिक अस्पताल चनपटिया पहुंचाया. वहां से बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने उन्हें बेतिया रेफर कर दिया. बेतिया जाने के क्रम में रास्ते में ही झापस यादव की मृत्यु हो गई. वहीं झगरू को चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया. लेकिन उनकी मौत भी बेतिया में ही हो गई. इस संबंध में मनन यादव ने साठी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. मालूम हो कि इस मामले में पूर्व में अन्य अभियुक्तों को सजा हो चुकी है. वही इन तीन अभियुक्तों का अलग विचरण चल रहा था. जिसमें यह सजा सुनाई गई है.
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