पूरी तैयारी से आए शातिर चोर, गैस कटर से एटीएम काटते रहे और बेखबर सोई रही बेतिया व नौतन पुलिस

जिले में एटीएम चोरी की दोहरी वारदात ने न सिर्फ पुलिस गश्ती व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

बेतिया. जिले में एटीएम चोरी की दोहरी वारदात ने न सिर्फ पुलिस गश्ती व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गुरुवार की रात शातिर अपराधियों ने पूरी तैयारी और सटीक योजना के साथ 20 किलोमीटर के दायरे में स्थित दो एटीएम को निशाना बनाया और इत्मीनान से गैस कटर चलाकर 23.50 लाख रुपये समेट लिए, जबकि पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. पहली घटना नौतन थाना क्षेत्र के गहिरी गांव स्थित एसबीआई एटीएम में रात करीब 11.30 बजे हुई. इसके बाद उसी गिरोह ने शहर की ओर रुख किया और करीब डेढ़ घंटे बाद नगर थाना क्षेत्र के आलोक भारती चौक के पास स्थित एटीएम को काट डाला. दोनों ही एटीएम रिहायशी इलाके में हैं, इसके बावजूद अपराधियों ने बिना किसी डर के वारदात को अंजाम दिया. इससे यह स्पष्ट होता है कि चोरों को एटीएम की लोकेशन, उसमें रखी राशि, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और पुलिस गश्ती के समय की पूरी जानकारी पहले से थी. सूत्रों के अनुसार अपराधी इनोवा गाड़ी से पहुंचे थे. एटीएम सेंटर पर पहुंचते ही उन्होंने सीसीटीवी कैमरों पर काला स्प्रे कर दिया, ताकि पहचान न हो सके. इसके बाद गैस सिलेंडर और कटर की मदद से एटीएम बॉक्स काटा गया और रुपये निकाल लिए गए. यह पूरी प्रक्रिया काफी समय लेने वाली होती है, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान न तो पुलिस गश्ती पहुंची और न ही किसी ने संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान दिया. घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और डॉग स्क्वायड व एफएसएल टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा गया. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. एसडीपीओ विवेक दीप ने बताया कि दोनों वारदातों को एक ही संगठित गिरोह ने अंजाम दिया है और पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. पुलिस को अंतरजिला गैंग के शामिल होने की आशंका है. ठंड की शुरुआत के साथ ही इस तरह की बड़ी चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है. ———- बिना सिक्योरिटी के एटीएम, बैंकों की सुरक्षा भी भगवान भरोसे बेतिया व नौतन में एटीएम काटकर लाखों की चोरी ने बैंक सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर कर दी है. रिहायशी इलाकों में स्थित एटीएम बिना किसी सुरक्षा गार्ड के संचालित हो रहे थे, जिसका फायदा शातिर चोरों ने उठाया. नाइट गश्ती के साथ-साथ बैंकों की जिम्मेदारी भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि न तो अलार्म सिस्टम प्रभावी रहा और न ही पर्याप्त निगरानी की व्यवस्था थी. करोड़ों के लेन-देन वाले एटीएम को यूं ही भगवान भरोसे छोड़ देना बैंक प्रबंधन की भी लापरवाही है.

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Author: SATISH KUMAR

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