रिमझिम फुहारों संग कुल-कुल हुआ जिले में मौसम, पूरे दिन होती रही बूंदाबांदी

पश्चिम चंपारण जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है.

बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. आसमान में लगातार बादलों का डेरा और गुरुवार को हुई रिमझिम बारिश ने जिले के तापमान में गिरावट ला दी है. सुबह-शाम की ठंडक अब धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. बुधवार की रात जहां हल्की ठंड महसूस हुई, वहीं गुरुवार को हुई दिनभर की बूंदाबांदी ने मौसम को कुल-कुल बना दिया. मौसम विभाग की माने तो चक्रवाती तूफान मोंथा के चलते अगले 24 घंटे तक हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है. माधोपुर कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों की माने तो मौसम में आए इस बदलाव और बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से रबी फसल की तैयारी में सहूलियत मिलेगी. खासकर गेहूं, मटर और सरसों की बुआई के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद मानी जा रही है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की बारिश से मिट्टी की ऊपरी परत में नमी बनी रहेगी, जिससे अंकुरण बेहतर होगा. हालांकि, वे यह भी सलाह दे रहे हैं कि अधिक देर तक पानी जमा रहने से खेतों की जुताई में देरी हो सकती है. वहीं जिन किसानों ने अभी तक धान की कटाई नहीं की है, उनके लिए यह बरसात मुश्किलों वाला है. मौसम के बदलते मिजाज के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने की अपील की है. सुबह-शाम की ठंडी हवाओं से बचने के लिए बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है. लगातार नमी और ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है. चिकित्सकों का कहना है कि रात में हल्की रजाई या कम्बल का उपयोग करें और सुबह खाली पेट ठंडा पानी पीने से बचें. —————- सुनी दिखी सड़कें, बाजार रहे सुस्त रिमझिम फुहारों से जहां दिन का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री तक नीचे चला गया है, वहीं दिनभर की बूंदाबांदी ने लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया. शहर की सड़कों पर ट्रैफिक सुस्त रहा और लोग आवश्यक कामों के लिए ही घरों से निकले. ठंड की दस्तक के साथ ही बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग भी बढ़ने लगी है. बदलते मौसम के इस संकेत ने जिले में गुलाबी ठंड का आगाज़ कर दिया है, जो आने वाले दिनों में और तेज़ महसूस की जाएगी. ———————- शहर की सड़कों पर कीचड़, राहगीर परेशान बारिश के बाद शहर की सड़कों पर कीचड़ जमा हो गया है. खासकर लाल बाजार, मीना बाजार, सोआ बाबू चौक, जंगी मस्जिद, हॉस्पिटल रोड, इमली चौक इत्यादि जगहों पर कमोवेश यही स्थिति दिखी. ऐसे में राहगीरों के साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.

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Author: SATISH KUMAR

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