नरकटियागंज. सड़क हादसे में जख्मी कुंती देवी की मौत के मामले में घंटे भर अनुमंडलीय अस्पताल में हंगामा चलता रहा. अफरातफरी मची रही. परिजन व अस्पताल कर्मी एक दूसरे से भिड़े दिखे. घटना की सूचना पर शिकारपुर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार सदल बल अस्पताल पहुंचें और स्थिति को नियंत्रित किया. हालांकि पुलिस के सामने ही दोनों पक्ष मारपीट करते रहे. मामले में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ सजीव कुमार ने मृतका के बेटे जितेन्द्र कुमार, भांजे नीरज कुमार, देवर काशी राउत, ग्रामीण शमशाद आलम सहित दर्जनभर अज्ञात लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी है. आरोप है कि सभी ने एक सुनियोजित साजिश के तहत चिकित्सक व कर्मियों के साथ मारपीट की. प्रभारी उपाधीक्षक सह चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सक और कर्मी खुद को भयग्रस्त एवं असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. ऐसी परिस्थितियों में वें कार्य करने में असमर्थता जता रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों. प्रभारी उपाधीक्षक ने हड़ताल पर जाने की भी बात कही है. इधर, घटना को लेकर अस्पताल कर्मी भी बौखलाये दिये. कर्मियों ने परिजनों के साथ आये शमशाद आलम नामक युवक को पकड़ पुलिस टीम के सामने ही पीटना शुरू कर दिया. उसका सिर फोड़ दिया. 112 पुलिस के पदाधिकारी अस्पताल कर्मियों को समझाते नजर आए लेकिन उनकी नहीं सुनी गई.
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