Urea Black Marketing: खरीफ सीजन के बीच यूरिया की बढ़ती मांग को देखते हुए पूर्व विधान पार्षद भीष्म साहनी ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में किसी भी किसान को यूरिया की कमी का सामना नहीं करना चाहिए. इसके लिए संबंधित अधिकारियों, गोदाम प्रबंधकों और उर्वरक विक्रेताओं को पर्याप्त मात्रा में निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है. ऐसे में कृत्रिम अभाव पैदा करना, जमाखोरी करना या कालाबाजारी करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. यदि कहीं भी अधिक कीमत वसूलने, खाद छिपाकर रखने या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो संबंधित गोदाम प्रबंधक और दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
किसानों से भी की अपील
भीष्म साहनी ने किसानों से भी संयम बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसान घबराकर जरूरत से अधिक यूरिया की खरीदारी न करें. आवश्यकता के अनुसार ही खाद खरीदें, ताकि सभी किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके और किसी प्रकार की कृत्रिम कमी की स्थिति न बने.
उन्होंने किसानों से कहा कि यदि कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे मांगता है या खाद देने से इनकार करता है तो इसकी जानकारी तुरंत कृषि विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें. शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
उर्वरक दुकानों की नियमित जांच की मांग
पूर्व विधान पार्षद ने प्रशासन से उर्वरक दुकानों की नियमित जांच कराने और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने की मांग की. उनका कहना है कि प्रशासन की सतर्कता और किसानों के सहयोग से ही खाद वितरण व्यवस्था पारदर्शी बनी रहेगी और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी.
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम करें तो किसानों को समय पर खाद मिलेगी और खरीफ फसलों की खेती प्रभावित नहीं होगी.
बिस्कोमान गोदाम में फिलहाल नहीं पहुंची यूरिया
इस बीच बिस्कोमान गोदाम प्रबंधक संजीत कुमार ने बताया कि फिलहाल गोदाम में यूरिया का नया स्टॉक नहीं पहुंचा है. उन्होंने कहा कि जैसे ही यूरिया उपलब्ध होगी, उसका वितरण शुरू कर दिया जाएगा. हालांकि अन्य प्रकार के उर्वरक गोदाम में उपलब्ध हैं और किसानों को दिए जा रहे हैं.
यूरिया की उपलब्धता को लेकर किसानों की नजर अब नई खेप के आने पर टिकी हुई है. ऐसे में प्रशासन और कृषि विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके और खेती का कार्य प्रभावित न हो.
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