Bettiah News: पश्चिम चंपारण के माधोपुर स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र (आरआरएस) में सोमवार को स्वीकृत बहु-स्थानीय अनुसंधान परीक्षण का वैज्ञानिकों की टीम ने निरीक्षण किया. इस दौरान अनुसंधान कार्यों की प्रगति, वैज्ञानिक गतिविधियों और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप किए जा रहे परीक्षणों की विस्तृत समीक्षा की गई.
निरीक्षण का उद्देश्य अनुसंधान कार्यों की गुणवत्ता और वैज्ञानिक मानकों के अनुपालन का आकलन करना था.
वैज्ञानिकों ने जैव उर्वरक ट्रायल की जांच की
निरीक्षण दल में डॉ. अजीत कुमार, डॉ. एस. के. सिन्हा और डॉ. एस. सी. नारायण शामिल थे.
इस दौरान आरआरएस माधोपुर के प्रभारी डॉ. नीरज कुमार और राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) माधोपुर के प्रभारी डॉ. आर. के. अस्थाना भी मौजूद रहे.
वैज्ञानिकों ने राजेंद्र पूसा-पीएसबी और राजेंद्र पूसा-जेडएसबी जैव उर्वरकों के उपयोग, वैज्ञानिक अभिलेखीकरण, परीक्षण स्थलों की पहचान और ट्रायल प्लेक्सी बोर्ड की व्यवस्था का निरीक्षण किया.
वैज्ञानिक मानकों के पालन पर दिया जोर
निरीक्षण टीम ने यह सुनिश्चित किया कि सभी अनुसंधान गतिविधियां निर्धारित वैज्ञानिक मानकों और अनुसंधान प्रोटोकॉल के अनुरूप संचालित हो रही हैं.
साथ ही गुणवत्तापूर्ण वैज्ञानिक आंकड़ों के संकलन, समयबद्ध अनुसंधान और मानक प्रक्रियाओं के पालन पर विशेष जोर दिया गया.
पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के निर्देश
वैज्ञानिकों ने बहु-स्थानीय परीक्षणों के सफल संचालन के लिए अनुसंधान कार्यों में पारदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण बनाए रखने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि अनुसंधान के दौरान प्रत्येक चरण का सटीक रिकॉर्ड तैयार करना और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है.
बैठक के दौरान वरिष्ठ तकनीशियन कालीचरण प्रसाद, पवन किशोर दास, मो. नियाजुद्दीन, मुकेश कुमार और अर्जुन कुमार सहित अनुसंधान केंद्र के अन्य कर्मी भी मौजूद रहे. सभी ने अनुसंधान परीक्षण के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग दिया.
