Kalash Yatra: मधुबनी प्रखंड के दौनहा गांव में गुरुवार को सात दिवसीय रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ. धार्मिक आस्था और उत्साह के बीच 1001 कन्याओं ने सिर पर कलश रखकर गाजे-बाजे और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शोभायात्रा निकाली.
यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही. जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया.
नारायणी नदी से भरा गया पवित्र जल
कलश यात्रा दौनहा स्थित शिव मंदिर से शुरू होकर कठहा, दिया और धनहा गांवों से होते हुए नारायणी नदी के तट पर पहुंची.
यहां वैदिक विधि-विधान के अनुसार कन्याओं ने कलश में पवित्र जल भरा. इसके बाद यात्रा दोबारा शिव मंदिर पहुंची, जहां आचार्यों ने मंत्रोच्चार के बीच विधिवत कलश स्थापना कर रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ कराया.
हाथी, घोड़े और ऊंट बने आकर्षण
कलश यात्रा में शामिल हाथी, घोड़े और ऊंट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे. इन्हें देखने के लिए रास्ते भर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही.
कई स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया और श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया.
सात दिनों तक होंगे धार्मिक आयोजन
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ के दौरान अगले सात दिनों तक प्रतिदिन वैदिक अनुष्ठान, हवन-पूजन, प्रवचन, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
समिति के अनुसार महायज्ञ को लेकर दौनहा गांव में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है. आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सदस्य और ग्रामीण लगातार तैयारियों और व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं.
