Bettiah Faniya Vadh Drama: चंपारण के स्वतंत्रता संग्राम और क्रांतिकारी इतिहास पर आधारित चर्चित नाटक 'फनिया वध' का मंचन 15 जुलाई को स्थानीय ऑडिटोरियम में किया जाएगा. नाटक के माध्यम से आजादी की लड़ाई में चंपारण के योगदान और गुमनाम क्रांतिकारियों की गाथा दर्शकों के सामने प्रस्तुत की जाएगी.
क्रांतिकारियों के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल
नाटक के मंचन को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में जिला कला एवं सांस्कृतिक पदाधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि चंपारण की धरती क्रांतिकारियों की भूमि रही है. यहां के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और कई लोगों ने काला पानी जैसी कठोर सजा भी भुगती.
उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना जरूरी है, ताकि हमारे वास्तविक नायकों का योगदान इतिहास के पन्नों में दबकर न रह जाए.
चंपारण के कलाकार करेंगे प्रस्तुति
प्रसिद्ध नाटककार डॉ. दिवाकर राय द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन हरिशंकर रवि कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि संगीत नाटक अकादमी और बिहार कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में यह प्रस्तुति आयोजित की जा रही है.
उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम्' की सार्द्धशती के अवसर पर देशभर में करीब 150 स्थानों पर ऐसे नाटकों का मंचन किया जा रहा है. बेतिया में होने वाली प्रस्तुति में चंपारण के स्थानीय कलाकार हिस्सा ले रहे हैं.
शाम 6 बजे से होगा मंचन, प्रवेश नि:शुल्क
सह-निर्देशक कालिका और संगीत निर्देशक मोहम्मद आसिफ ने बताया कि नाटक का मंचन शाम 6 बजे से स्थानीय ऑडिटोरियम में होगा.
उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर चंपारण के गौरवशाली इतिहास पर आधारित इस नाट्य प्रस्तुति का आनंद लेने की अपील की. कार्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा.
