पश्चिमी चंपारण: बैरिया अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में रखे अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ कर उनकी स्कैनिंग और बिहार भूमि पोर्टल पर अपलोड करने का मामला सामने आया है. मामले में अंचल के प्रधान लिपिक अमरेश्वर चौधरी तथा बैरिया पंचायत के मुखिया नवीन मुखिया और कमलेश्वर मुखिया पर आरोप लगाया गया है. हालांकि, तीनों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है. बैरिया गांव निवासी सुरेश मुखिया ने मामले की शिकायत अंचल कार्यालय के साथ बैरिया थाने में भी की है.
1988-89 के जमीन अभिलेख में मिला दूसरा नाम
सुरेश मुखिया के अनुसार, उनके पिता लक्ष्मी मुखिया और चाचा बैजनाथ प्रसाद के नाम वर्ष 1988-89 में बंदोबस्त जमीन का ऑनलाइन अभिलेख निकाला गया. इसमें पुराने नाम के नीचे मलख मुखिया, पिता रामलखन मुखिया का नाम अंकित मिला. उन्होंने अभिलेख से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए शिकायत की है.
रिकॉर्ड रूम में स्कैनिंग कर रहे बिट्टू कुमार ने बताया कि संबंधित रिकॉर्ड को लेकर तीन लोग आये थे. प्रधान लिपिक अमरेश्वर चौधरी ने उसे रिकॉर्ड स्कैन करने को कहा था. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
CCTV खराब मिलने के बाद दो कर्मियों से मांगा स्पष्टीकरण
इधर, 15 सितंबर को अंचल अधिकारी ने स्कैनिंग एजेंसी के प्रभारी ललित नारायण मिश्रा और कर्मी बिट्टू कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है. पत्र में निरीक्षण के दौरान अभिलेखागार का सीसीटीवी कैमरा खराब मिलने का उल्लेख किया गया है.
पत्र में कई अभिलेखों में छेड़छाड़ के बाद उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने तथा बीपीओपीएनटी के तहत फर्जी अभिलेख सृजित करने का मामला सामने आने की बात भी कही गयी है. दोनों से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है.
जांच के बाद होगी कार्रवाई
अंचल अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच करायी जा रही है. जांच में गड़बड़ी मिलने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
वहीं, मुखिया नवीन कुमार और कमलेश्वर यादव ने आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
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