बेतिया. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय द्वारा एमजेके कॉलेज और महिला कॉलेज के परीक्षा केंद्र अचानक बदल दिए जाने से शनिवार को छात्रों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला. इसी क्रम में नगर के महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर आइसा और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा नियंत्रक का पुतला दहन किया. आइसा जिलाध्यक्ष अभिमन्यु राव ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कुव्यवस्था और मनमानी की वजह से हजारों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यह छात्रों को प्रताड़ित करने की साजिश है. उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया. इस कार्यक्रम में मनीष साह, उदय कुमार, प्रकाश सन्नी, राहुल, अमरेन्द्र तथा एनएसयूआई के सिद्धार्थ शुक्ला समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे. इधर एमजेके कॉलेज के छात्रों ने भी कॉलेज परिसर में परीक्षा नियंत्रक का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया. छात्र नेता अभिषेक गुप्ता ने बताया कि हर वर्ष एमजेके कॉलेज का स्नातक परीक्षा सेंटर शहर के रामलखन सिंह यादव कॉलेज में रहता था, लेकिन इस बार स्नातक सत्र 2024-28 का द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा केंद्र शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर दे दिया गया है. इतना दूर और ग्रामीण इलाके में परीक्षा सेंटर देने से छात्रों की आर्थिक और मानसिक स्थिति प्रभावित होगी. वहीं छात्र नेता प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन की कोई सुलभ व्यवस्था नहीं है, जिससे छात्रों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा. इस मामले में परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार ने बताया कि परीक्षा केंद्र बदलने का निर्णय विवश होकर लेना पड़ा. पश्चिम चंपारण के रामलखन सिंह यादव कॉलेज और पूर्वी चंपारण के मुंशी सिंह महाविद्यालय को जिला प्रशासन ने अचानक चुनाव कार्य के लिए अधिग्रहित कर लिया, जिसके कारण शुक्रवार की देर रात नए परीक्षा केंद्रों की घोषणा करनी पड़ी.
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