बगहा/हरनाटांड़. बीते करीब 25 दिनों से लगातार जारी शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. इस दौरान मुश्किल चार से पांच दिन ही सूर्य के दर्शन हुए है, लेकिन तेज पछुआ हवा के कारण धूप भी बेअसर रही. जानकारों के अनुसार वर्ष 2017 के बाद पहली बार इतनी लंबी अवधि तक शीतलहर का असर देखा जा रहा है. हालांकि मौसम विभाग की ओर से अब तक न्यूनतम तापमान के रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय जानकारों का मानना है कि कई वर्षों बाद तापमान पांच से छह डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है.तापमान में लगातार गिरावट, तेज पछुआ हवा और कभी-कभी बादलों के घिरने से शीतलहर और भी सितम दायक बन गई है.ठंड का दुष्प्रभाव पशुओं और फसलों पर भी दिखने लगा है
ठंड से लोग हो रहे बीमार
.मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10 जनवरी तक कोल्ड डे और 11 जनवरी तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है.अधिकतम तापमान 14 से 16 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान छह से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.मौसम शुष्क रहेगा,जबकि पछुआ हवा पांच से सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने का अनुमान है.पूर्व उपाधीक्षक डॉ.केबीएन सिंह
बगहा अनुमंडलीय अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक डॉ.केबीएन सिंह का कहना है कि कड़ाके की ठंड और लगातार शीतलहर के कारण लोग बीमार पड़ने लगे हैं.सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. खासकर बुजुर्ग, उम्र दराज, बच्चे और पहले से बीमार लोग ठंड से अधिक प्रभावित हो रहे हैं. तापमान में लगातार गिरावट और तेज पछुआ हवा के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव, गर्म कपड़े पहनने,गर्म पानी का उपयोग करने और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है. आवश्यकता पर ही घर से बाहर निकले.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
