करीब 25 दिन की शीतलहर में सिर्फ चार-पांच दिन निकली धूप

बीते करीब 25 दिनों से लगातार जारी शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है.

By SATISH KUMAR | January 10, 2026 8:48 PM

बगहा/हरनाटांड़. बीते करीब 25 दिनों से लगातार जारी शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. इस दौरान मुश्किल चार से पांच दिन ही सूर्य के दर्शन हुए है, लेकिन तेज पछुआ हवा के कारण धूप भी बेअसर रही. जानकारों के अनुसार वर्ष 2017 के बाद पहली बार इतनी लंबी अवधि तक शीतलहर का असर देखा जा रहा है. हालांकि मौसम विभाग की ओर से अब तक न्यूनतम तापमान के रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय जानकारों का मानना है कि कई वर्षों बाद तापमान पांच से छह डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है.तापमान में लगातार गिरावट, तेज पछुआ हवा और कभी-कभी बादलों के घिरने से शीतलहर और भी सितम दायक बन गई है.ठंड का दुष्प्रभाव पशुओं और फसलों पर भी दिखने लगा है

लगातार ठंड का दुष्प्रभाव अब जनजीवन के साथ-साथ पशुओं और फसलों पर भी दिखने लगा है.कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आलू, केला के साथ दलहन एवं तिलहन फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.मसूर, अरहर और चना जैसी दलहनी फसलों में फूल नहीं बनने तथा मुरझाने की बीमारी का खतरा बढ़ गया है, जिससे बढ़वार और उत्पादन प्रभावित हो सकता है.वहीं तीसी और सरसों की फसलों में फूल झड़ने और माहू कीट के प्रकोप की आशंका भी जताई जा रही है.कृषि विशेषज्ञ अशोक कुमार ने बताया कि इतना लंबा ठंडा मौसम फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक है. उन्होंने आशंका जताई कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आलू और केला की फसल को भारी नुकसान होगा तथा दलहन-तिलहन के उत्पादन में गिरावट आएगी.

ठंड से लोग हो रहे बीमार

.मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10 जनवरी तक कोल्ड डे और 11 जनवरी तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है.अधिकतम तापमान 14 से 16 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान छह से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.मौसम शुष्क रहेगा,जबकि पछुआ हवा पांच से सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने का अनुमान है.

पूर्व उपाधीक्षक डॉ.केबीएन सिंह

बगहा अनुमंडलीय अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक डॉ.केबीएन सिंह का कहना है कि कड़ाके की ठंड और लगातार शीतलहर के कारण लोग बीमार पड़ने लगे हैं.सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. खासकर बुजुर्ग, उम्र दराज, बच्चे और पहले से बीमार लोग ठंड से अधिक प्रभावित हो रहे हैं. तापमान में लगातार गिरावट और तेज पछुआ हवा के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव, गर्म कपड़े पहनने,गर्म पानी का उपयोग करने और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है. आवश्यकता पर ही घर से बाहर निकले.

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