बेतिया. समग्र और माध्यमिक शिक्षा संभाग की डीपीओ गार्गी कुमारी ने बताया कि विधान सभा के आम चुनाव को लेकर स्कूली शिक्षा व्यवस्था पड़े प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति अब बदलेगी. गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के साथ छात्र-छात्राओं और शिक्षक शिक्षिकाओं की नियमित उपस्थिति को लेकर शिकंजा कसा जाएगा. इसको प्रभावी बनाने के निर्देश सभी प्रखंड शिक्षा अधिकारी गण को जारी किए जा रहे हैं. डीपीओ श्रीमती गार्गी ने बताया कि शिक्षक शिक्षिकाओं की ऑनलाइन हाज़िरी पहले से ही अनिवार्य है. इसके साथ-साथ स्कूलों में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं की भी एक दिसंबर से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाएगी. डीपीओ ने कहा कि हालांकि पूर्व में भी पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में तीसरी कक्षा के बच्चों की उपस्थिति ऑनलाइन बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी. अब विभाग के द्वारा सभी सरकारी विद्यालयों के सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं की भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जायेगी.डीपीओ श्रीमती गार्गी ने यह भी बताया कि विभाग द्वारा जिले के प्राइमरी से लेकर प्लस टू स्तर के सभी सरकारी स्कूलों को इसके लिए टेबलेट भी उपलब्ध कराए गए हैं. पहली दिसंबर से ही यह नई व्यवस्था प्रत्येक सरकारी स्कूल में लागू कर दी जायेगी. डीपीओ ने बताया कि विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति तथा ग्रुप फोटो प्रत्येक सरकारी स्कूल के लिए प्रति दिन विभाग के ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी प्रत्येक दिन नियमित रूप से अपने अपने विद्यालय में उपस्थित होना ही होगा. बच्चों की सामूहिक तस्वीर अपनी लॉग इन आइडी से ऑनलाइन करेंगे वर्ग शिक्षक डीपीओ गार्गी कुमारी ने बताया कि अब जिलाभर के स्कूली विद्यार्थियों की टैबलेट के माध्यम से सामूहिक उपस्थिति दर्ज की जायेगी. प्रत्येक क्लास के बच्चों की सामूहिक तस्वीर खींच कर वर्ग शिक्षक अपनी लॉग इन आइडी से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराएंगे.इसके लिए जिले के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों को दो-दो टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं.डीपीओ ने बताया कि फोटो इस तरह से खींची जायेगी की प्रत्येक बच्चे का चेहरा दिखे. उन्होंने कहा कि अब इसी प्रकार टैबलेट के माध्यम से ही स्कूल में हो रही पढ़ाई का भी जायजा लिया जाएगा.विधान सभा चुनाव के कारण विद्यार्थियों के अधूरे रह गए सिलेबस को भी पूरा करने का कार्य किया जाएगा. ताकि आगामी वार्षिक परीक्षा से पहले पाठ्यक्रम को पूरा किया जा सके. ऑनलाइन उपस्थिति की नई व्यवस्था से मध्याह्न भोजन में फर्जीवाड़े पर भी लगेगी रोक प्रत्येक सरकारी स्कूल में टेबलेट के माध्यम से उपस्थिति दर्ज होने से विभाग को सटिक जानकारी मिल सकेगी. प्रति दिन कितने विद्यार्थी आ रहे हैं और कितने मध्याह्न भोजन कर रहे हैं इसकी सही जानकारी मिल सकेगी. डीपीओ श्रीमती गार्गी ने बताया कि इस नई व्यवस्था से मध्याह्न भोजन में होने वाले फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी. क्योंकि अक्सर शिकायत मिलती है कि स्कूल में बच्चे कम रहते है और मीड डे मिल में अधिक दिखाया जाता है.यहां उल्लेखनीय है कि जिले के प्रत्येक सरकारी स्कूलों को दो-दो टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं. किसी किसी स्कूल को बच्चों की संख्या के आधार पर तीन टैबलेट भी उपलब्ध कराए गए हैं. एक टैबलेट का प्रयोग बच्चों की उपस्थिति, स्कूल में हो रही गतिविधि, वर्ग संचालन, मध्याह्न भोजन कर रहे बच्चों के लिए प्रयोग किया जायेगा. जबकि दूसरे टैबलेट का उपयोग शिक्षक शिक्षिकाओं अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए किए जाने का निर्देश है.
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