बेतिया. एक दलित युवती को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने एवं उसके साथ शादी करने से इनकार कर देने के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह एससी एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश प्रमोद कुमार यादव ने नामजद अभियुक्त को दोषी पाते हुए उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है. वही उसके ऊपर 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. सजायाफ्ता विपुल राव शिकारपुरा थाने के रामपुर गांव का रहने वाला है. एससी एसटी एक्ट के प्रभारी विशेष लोक अभियोजक विजय बहादुर सिंह ने बताया कि घटना डेढ़ वर्ष पूर्व की है. अभियुक्त विपुल राव एवं पीड़ित युवती के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था. अभियुक्त पीड़िता को शादी का झांसा देकर 2 वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करता रहा. इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई, तब अभियुक्त ने दवा खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया. उसके बाद घटना के दिन अभियुक्त पीड़िता को लेकर अपने घर गया. जहां अभियुक्त के परिवार वालों ने पीड़िता के साथ गाली गलौज और मारपीट किया और उसे भगा दिया. साथ ही अभियुक्त एवं उसके परिजनों ने शादी करने से भी इंकार कर दिया. इस संबंध में पीड़िता ने शिकारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त को भादवि की धारा 376 एवं एससी एसटी एक्ट के दो धाराओं के अंतर्गत दोषी पाते हुए उसे यह सजा सुनाई है.
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