बगहा. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत सोमवार से हो चुकी है, लेकिन शुरुआती दो दिनों में प्रत्याशियों की ओर से उदासीन देखने को मिल रही है . मंगलवार को भी 02-रामनगर और 04-बगहा विधानसभा क्षेत्रों से किसी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया. प्रशासनिक हलकों में इसे राजनीतिक दलों द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा में देरी का परिणाम माना जा रहा है. नामांकन प्रक्रिया की धीमी रामनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) डीसीएलआर अंजेलिका कृति ने बताया कि मंगलवार तक किसी भी उम्मीदवार ने न तो एनआर रसीद कटवाई है और न ही नामांकन किया है. वहीं, बगहा विधानसभा क्षेत्र के आरओ गौरव कुमार की निगरानी में प्रक्रिया चल रही है. लेकिन यहां भी स्थिति पहले दिन जैसी ही रही. हालांकि, बगहा में सोमवार को दो और मंगलवार को दो लोगों ने एनआर रसीद कटवाया है. राजनीतिक दलों की सुस्ती, प्रत्याशी अब तक घोषित नहीं सोमवार को अशोक पटेल (निर्दलीय) एवं शैलेश कुमार चौधरी (भारत जन जागरण दल) जबकि मंगलवार को दिनेश अग्रवाल एवं शिवकुमार चौधरी इन चारों प्रत्याशियों द्वारा एनआर रसीद कटवाने से यह संकेत जरूर मिला है कि आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया में कुछ तेजी आ सकती है. स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अभी तक प्रमुख दलों द्वारा आधिकारिक रूप से प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए हैं, जिससे नामांकन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. सूत्रों के अनुसार, आज शाम या कल तक प्रत्याशियों की सूची जारी की जा सकती है, जिसके बाद नामांकन में रफ्तार आने की संभावना है. प्रशासन की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी नामांकन प्रक्रिया के मद्देनजर बगहा अनुमंडल कार्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है . दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और अन्य सुरक्षा कर्मी पूरे परिसर में मुस्तैद हैं.यहां तक कि मीडिया को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही हैं. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है. वाल्मीकिनगर के नामांकन की प्रक्रिया जिला मुख्यालय बेतिया में वाल्मीकि नगर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों को अपना नामांकन जिला मुख्यालय बेतिया में दाखिल करना होगा. वहां से भी अब तक नामांकन की प्रक्रिया धीमी बनी हुई है. अंतिम तिथि 20 अक्तूबर, बचे हैं. कुछ ही दिन निर्वाचन आयोग के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर तय की गई है. यानी प्रत्याशियों के पास अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं. दो दिनों की इस सुस्ती के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजनीतिक दल कब अपने पत्ते खोलते हैं.
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