विधान पार्षद सौरभ ने उठायी दुग्ध उत्पादक किसानों की समस्या

पशु एवं मत्स्य संसाधन पर सामान्य वाद-विवाद के दौरान दुग्ध उत्पादक किसानों की समस्याओं से सदन को अवगत कराया.

By DIGVIJAY SINGH | March 22, 2025 10:20 PM

बेतिया . विधान पार्षद सौरभ कुमार ने विधान परिषद पेश किए गए पशु एवं मत्स्य संसाधन पर सामान्य वाद-विवाद के दौरान दुग्ध उत्पादक किसानों की समस्याओं से सदन को अवगत कराया. इस चर्चा में डेयरी से दूध की खरीदारी की कीमत, मोबाइल पशु चिकित्सकों की नियुक्ति, अंडे के उत्पादन और बाज़ार में उसकी कीमतों पर सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाया. विधान पार्षद सौरभ ने बताया कि वर्तमान में डेयरी उद्योग में दूध की खरीदारी की कीमत 60 रुपए प्रति लीटर है, जबकि इस दूध को उबालने और उसे संसाधित करने वाले श्रमिक को केवल 35 रुपए प्रति लीटर मिलते हैं. यह सवाल उठता है कि सरकार इस अंतर को लेकर क्या कदम उठा रही है. हाल ही में बिहार से कैंसेमनेट भेजने की खबरें आईं, लेकिन इसके शर्तों और फायदे-नुकसान पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. क्या सरकार इन मुद्दों पर ध्यान दे रही है, या यह सिर्फ एक दिखावा है? उन्होंने कहा कि बजट में 534 प्रखंडों में मोबाइल पशु चिकित्सक का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें करीब 2 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई है. हालांकि, इस बजट में चिकित्सकों और टेक्नीशियनों के योगदान और उनके कार्यों पर कोई चर्चा नहीं की गई है. वहीं उन्होंने कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति अंडे की खपत 110 है, जबकि बिहार में प्रति व्यक्ति अंडे का उत्पादन केवल 27 है. इसके कारण बिहार में अंडे का बाजार मूल्य भी अन्य राज्यों के मूल्य पर निर्भर है. बिहार अपना उत्पादन करने के बाद भी प्रतिदिन अन्य राज्यों के रेट पर निर्भर रहता है. जिससे बिहार का व्यापार अनियंत्रित हो गया है. अंडे का शेयर बाजार जैसा हाल है, जहां कीमतों में उतार-चढ़ाव होते रहते हैं. सरकार की कोई स्पष्ट नीति न होने के कारण इस व्यापार में सट्टेबाजी और तस्करी का भी बड़ा योगदान है.

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