पूर्वोत्तर बिहार से वाया बेतिया-नरकटियागंज अब आसान होगी दिल्ली-मुंबई की यात्रा, जल्द मिलेगा नया रेल रूट

सूबे के उत्तर-पूर्व हिस्से से दिल्ली और मुंबई की रेल यात्रा आने वाले वर्षों में कहीं अधिक आसान और तेज होने वाली है.

By SATISH KUMAR | January 12, 2026 6:14 PM

गणेश, बेतिया. सूबे के उत्तर-पूर्व हिस्से से दिल्ली और मुंबई की रेल यात्रा आने वाले वर्षों में कहीं अधिक आसान और तेज होने वाली है. भारतीय रेलवे का वाल्मीकिनगर-गोरखपुर रेल रूट को मजबूत करने और घुघली से आनंद नगर तक नई रेल लाइन बिछाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है. इस नई व्यवस्था से जहां गोरखपुर जंक्शन पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, वहींं मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, मोतिहारी, सहरसा, बरौनी, कोलकाता, पटना जैसे शहरों से बेतिया और नरकटियागंज होकर दिल्ली व मुंबई जाने वाली ट्रेनों को एक वैकल्पिक और सुगम मार्ग मिलेगा. वर्तमान में बिहार के तमाम शहरों से नरकटियागंज के रास्ते दिल्ली-मुंबई की ओर जाने वाली अधिकांश ट्रेनें गोरखपुर जंक्शन पर निर्भर हैं. गोरखपुर देश के सबसे व्यस्त जंक्शनों में शामिल है. वहां हर दिन सैकड़ों यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां गुजरती हैं. इसी दबाव को कम करने के लिए रेलवे ने घुघली-आनंद नगर नई रेल लाइन को मंजूरी दी है. नई लाइन की लंबाई 52 से 53 किमी है. इसका कार्य शुरू हो गया है. इस परियोजना पर 950 से 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. रेलवे का लक्ष्य है कि 2027 तक इस लाइन को चालू कर दिया जाए. लाइन चालू होते ही वाल्मीकिनगर-गोरखपुर रूट पर घुघली एक नए जंक्शन के रूप में उभरेगा और यहां से ट्रेनें सीधे आनंद नगर होते हुए आगे की ओर जा सकेंगी. इसका सीधा लाभ यह होगा कि बिहार से आने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें गोरखपुर जंक्शन में प्रवेश किए बिना आगे की ओर निकल सकेंगी. इससे न केवल ट्रेनों की औसत गति बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी समय की बचत होगी. ————————– दिल्ली जाने में चार और मुंबई में जाने में सात घंटे की होगी बचत रेलवे अधिकारियों के मुताबिक नई लाइन और डबल लाइन के संयुक्त प्रभाव से मुजफ्फरपुर से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों की दूरी में 100 किमी तक की कटौती संभव है. अभी इस रूट पर दिल्ली पहुंचने में औसतन 20 से 22 घंटे लगते हैं. नई व्यवस्था लागू होने के बाद तीन से चार घंटे तक का समय बचेगा. इसी तरह मुंबई रूट पर भी 6 से 7 घंटे की समय की बचत होगी. ————— रेलवे से जुड़ेगा यूपी का महाराजगंज, बिहार से होगा कनेक्ट वाल्मीकिनगर-गोरखपुर रूट पर घुघली-आनंदनगर नई रेल लाइन बनने से केवल लंबी दूरी के यात्री ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. उत्तरप्रदेश का महाराजगंज जिला पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ेगा, जिससे बिहार में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व और नेपाल बॉर्डर तक पहुंच भी पहले से अधिक आसान हो जाएगी. —————————- दोहरीकरण भी आसान बनाएगी राह मुजफ्फरपुर-वाल्मीकिनगर रेल रूट के डबल लाइन के बाद अब वाल्मीकिनगर-गोरखपुर रेल रूट पर दोहरीकरण का काम भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है. 96 किलोमीटर लंबे इस रूट पर डबल लाइन पूरी होने के बाद ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए रुकना नहीं पड़ेगा. परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी. ——————— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वांचल और सीमावर्ती क्षेत्रों के रेल ढांचे को मजबूत किया जा रहा है. घुघली-आनंदनगर लाइन से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, दूरी घटेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. पंकज चौधरी, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री सह सांसद महाराजगंज (यूपी) केंद्र सरकार रेलवे के सभी स्टेशनों का कायाकल्प कर रही है. इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर से वाया बेतिया गोरखपुर रूट विद्युतीकरण के बाद दोहरीकरण का कार्य भी तेजी से हो रहा है. इस नई परियोजना से निश्चित तौर पर उत्तर बिहार का तेज और संतुलित विकास होगा. डॉ संजय जायसवाल, सांसद पश्चिम चंपारण

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