रोजगार पाने से पहले रफ्तार के कहर का शिकार हो गयीं जीविका दीदी कुंती

शुक्रवार को जब राज्य सरकार ने रोजगार को बढ़ावा देने के लिए जीविका दीदियों के खाते में दस-दस हजार रुपये भेजे, तब डीके शिकारपुर निवासी कुंती देवी भी उनमें शामिल थीं.

नरकटियागंज . शुक्रवार को जब राज्य सरकार ने रोजगार को बढ़ावा देने के लिए जीविका दीदियों के खाते में दस-दस हजार रुपये भेजे, तब डीके शिकारपुर निवासी कुंती देवी भी उनमें शामिल थीं. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. शनिवार को वह अपने बेटे जितेंद्र के साथ नरकटियागंज यूनियन बैंक में खाता अपडेट कराने निकलीं, ताकि पैसे की निकासी हो सके. उन्होंने अपनी बेटियों शीला और अर्चना से कहा भी था कि खाता अपडेट हो जाएगा तो रूपया निकल जाएगा. लेकिन पकड़ीढाला के समीप उनकी बाइक हादसे का शिकार हो गई. मौके पर घायल अवस्था में उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया. परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में भर्ती करने के बावजूद चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी तुरंत पहल नहीं कर पाए. डॉ संतोष कुमार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहीं परिजनों का कहना था कि अस्पताल पहुंचने तक कुंती देवी की सांसें चल रही थीं. पंचायत के मुखिया राहुल जायसवाल ने बताया कि कुंती देवी रोजगार के लिए खाते में आए रुपये का लाभ उठाने बैंक जा रही थीं, लेकिन सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली. गांव के लोगों ने कहा कि इस हादसे से पांच बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया. अस्पताल में ही परिजन दहाड़े मारकर रोते दिखे.

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By SATISH KUMAR

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