नरकटियागंज . नरकटियागंज में किसानों के लिए चलायी जा रही कल्याणकारी योजनाओं का हाल बुरा है. यही नही किसानों को उन्नत खेती करने के लिए आयोजित प्रशिक्षण भी मजाक बन रह गया है. इसकी बानगी बुधवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर में आयोजित किसान गोष्ठी आयोजन में देखने को मिला. गोष्ठी में किसानों की जगह कृषि कर्मियों की मौजूदगी रही. गोष्ठी में दर्जनभर किसान भी शामिल नहीं हो सके. हालांकि विभाग की ओर से पूरे ताम झाम के साथ गोष्ठी का आयोजन किया गया. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिक पात्रा ने मिट्टी की जांच, फसलों की मौसम आधारित प्रबंधन, हरी खाद के इस्तेमाल, गोबर की खाद, बायोगैस आदि पर विस्तार से जानकारी भी दी. लेकिन उनकी जानकारियों को गोष्ठी में पहुंचे इक्का दुक्का किसानों ने भी ध्यान से नही सुना और मोबाइल देखते नजर आए. आत्मा द्वारा आयोजित यह गोष्ठी महज औपचारिकता बन कर रह गई. किसानों ने आरोप लगाया कि सूचना के अभाव में गोष्ठी में किसान पर्याप्त संख्या में नहीं आ सके. एक पंचायत से पांच किसान भी आए रहते तो गोष्ठी में उनकी संख्या ठीक ठाक रहती. मौके पर सहायक निदेशक फार्म मो मुस्तफा अंसारी, बीएओ रोहित गौतम, उद्यान पदाधिकारी नेहा कुमारी, कृषि नोडल श्रीकांत ठाकुर आत्मा के डॉ. अखिलेश शर्मा समेत कृषि कर्मी व किसान उपस्थित रहे. प्रखंड प्रमुख ने जताई नाराजगी डीएम से करेंगी शिकायत नरकटियागंज. किसान गोष्ठी की सूचना किसानों के अलावा पंचायत के प्रतिनिधियों को भी नही दी गयी. जबकि अधिकतर प्रतिनिधि किसान भी है. प्रखंड प्रमुख सुनैना देवी ने गोष्ठी के बारे में किसी प्रकार की जानकारी नही दिये जाने पर गहरी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कृषि अधिकारियों व आत्मा से जुड़े अधिकारियों के बारे में जिला पदाधिकारी से शिकायत करने की बात कही है. प्रमुख प्रतिनिधि चंदन साह ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से न तो सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से हो रहा है और नही किसानों को सही जानकारी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि अधिकतर पंसस, मुखिया प्रतिनिधि होने के साथ साथ किसान भी हैं, लेकिन विभाग की ओर से महज औपचारिकता भर निभाई जा रही है.
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