Bettiah News: गुरु पूर्णिमा एवं महर्षि वेदव्यास जयंती के अवसर पर बुधवार को सरस्वती विद्या मंदिर, बरवत सेना में विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद के तत्वावधान में पूर्व आचार्य, पूर्व प्रधानाचार्य एवं पूर्व छात्र-छात्रा संगम सह गुरु वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में पूर्व छात्रों ने अपने गुरुजनों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व प्रधानाचार्यों, पूर्व आचार्यों एवं पूर्व छात्रों ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा वंदना के साथ किया. इसके बाद पूर्व छात्रों ने पाद प्रक्षालन, आरती, पुष्पार्चन और अंगवस्त्र भेंट कर गुरुजनों का सम्मान किया.
गुरु-शिष्य परंपरा और संस्कारों के महत्व पर दिया गया संदेश
वक्ताओं ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा और संस्कार भी प्रदान करते हैं. भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है, क्योंकि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं. पूर्व आचार्यों ने गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय संस्कृति और जीवन में संस्कारों के महत्व पर विस्तार से विचार रखे.
बड़ी संख्या में पूर्व छात्र रहे उपस्थित
कार्यक्रम में चंपारण विभाग के विभाग निरीक्षक ललित कुमार राय, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य लखींद्र कुमार सिंह, प्राथमिक खंड के प्रधानाचार्य गौरी शंकर प्रसाद सहित विद्यालय के सभी आचार्य उपस्थित रहे. पूर्व छात्र प्रमुख विवेक किशोर सिंह, डॉ. रविराज दुबे, मयूर सिकारिया, अभिषेक बरनवाल, मुकेश चौधरी, पवन कुमार, कन्हैया बजरिया, नंदन वर्मा, आलोक कुमार मिश्रा, चितरंजन कुमार, प्रभास चंद्रपुरी, अभिमन्यु कुमार, रत्नेश कुमार, विनय कुमार, संतोष श्रीवास्तव, हिमांशु राज एवं मुन्ना सहित बड़ी संख्या में पूर्व छात्र कार्यक्रम में शामिल हुए.
कार्यक्रम का संचालन लखींद्र कुमार सिंह एवं श्रीमती महिमा ने संयुक्त रूप से किया. विद्यालय के प्रधानाचार्य फणीश्वरनाथ की परिकल्पना तथा पूर्व छात्र प्रमुख विवेक किशोर सिंह के समन्वय में आयोजित इस कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया. इसके बाद सभी पूर्व आचार्यों एवं पूर्व छात्रों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई.
